सरगुजा

सेन्ट्रलॉइज सिस्टम से होगी अब ब्लड बैंकों की मॉनिटरिंग
28-Aug-2021 9:24 PM
सेन्ट्रलॉइज सिस्टम से होगी अब ब्लड बैंकों की मॉनिटरिंग

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

अम्बिकापुर, 28 अगस्त। कलेक्टर संजीव कुमार झा की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहाँ कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर हेतु नवीन पहल ‘‘हमर खून बचाही जिंदगी अभियान‘‘ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला प्रशासन के अधिकारी एवं विभिन्न सामज सेवी संस्था, समाज प्रमुख, संघ एवं संस्था के प्रतिनिधि शामिल हुए।

बैठक में जिले के ब्लड बैंको में खून की उपलब्धता तथा बिचौलियों की सक्रियता से जरूरतमंदों को अधिक कीमत देकर रक्त प्राप्त करने की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। कलेक्टर श्री झा ने ब्लड बैंकों में बिचौलियों की सक्रियता समाप्त करने तथा रक्त की उपलब्धता की पारदर्शी जानकारी हेतु सेन्ट्रलाईज मॉनीटिरिंग सिस्टम विकसित कर सभी ब्लड बैंकों का मॉनिटरिंग करने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए।

कलेक्टर ने कहा कि जिले के सभी ब्लड बैंकों की निगरानी सेंट्रलाइज सिस्टम से मॉनिटरिंग होगी जिससे ब्लड बैंको में प्रतिदिन उपलब्ध विभिन्न रक्त समूह की मात्रा की जानकारी रहेगी। ब्लड बैंक से प्राथमिकता के आधार पर रक्त उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मॉनिटरिंग सिस्टम में यह भी जानकारी रखें कि किस ब्लड बैंक से कितना ब्लड किसको दिया गया। इसी प्रकार ब्लड़ बैंक में खून के बदले कितना रक्त मिला इसकी भी जानकारी हो। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल सहित सभी ब्लड बैंकों में फ्लेक्स लगवाकर यह प्रदर्शित कराये की वर्तमान तिथि में किस ग्रुप का कितना रक्त उपलब्ध है। ब्लड बैंक से संबंधित शिकायत के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल से सम्बद्ध ब्लड बैंक प्रभारी को शिकायत निवारण अधिकारी बनाये और उनका मोबाइल नंबर फ्लैक्स में अंकित करायें।

ब्लड बैंकों में रक्त के लिए निर्धारित होगा दर-

ब्लड बैंकों के लिए दर निर्धारित नही होने के कारण जरूरतमंद अलग-अलग दर पर रक्त लेने मजबूर होते है। इस पर नियंत्रण के लिए जिले भर में एक निश्चित दर निर्धारित करने का निर्णय लिया गया। इसमें रक्त के बदले रक्त लेने तथा बिना रक्त दिए रक्त लेने पर अलग-अलग दर निर्धारित की जाएगी।

रक्त दाताओं की बनेगी डायरेक्ट्री -

‘‘ हमर खून बचाही जिंदगी अभियान ‘‘ के तहत स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में रक्त दान करने के लिए सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने बढ़ चढक़र सहयोग करने की मंशा व्यक्त की। बैठक में स्वैच्छिक रूप से रक्त दान करने वाले रक्तदाताओं की जानकारी आसानी से मिल सके इसके लिए रक्तदाताओं की डायरेक्ट्री तैयार की जाएगी। डायरेक्ट्री में रक्तदाता का नाम, पता, तथा ब्लड ग्रुप आदि का उल्लेख रहेगा। वहीं जो लोग व्यवसायिक रूप से रक्तदान करते हैं ऐसे लोगों को हतोत्साहित किया जाएगा। ब्लड बैंक में रक्तदाताओं के आधार एवं मोबाइल नम्बर भी लिंक किए जाएंगे जिससे पता चल सकेगा कि रक्तदाता ने कब रक्त दान किया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा जागरूकता अभियान-

ग्रामीणों में रक्तदान के संबंध में फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा रक्तदान के लिए प्रेत्साहित करने के लिए हाट-बाजार क्लिनिक योजना तथा एन एस एस सहित समाज सेवी संस्थाओं के द्वारा जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। बताया गया कि रक्तदान करने से शरीर को किसी प्रकार की नुकसान नहीं होता बल्कि शरीर की स्क्रीनिंग होने से फायदा ही होता है। एक यूनिट खून देने से करीब 20 से 25 दिन में उतनी मात्रा का खून शरीर में फिर से बन जाता है।


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