सूरजपुर

जयनगर में फिर गरमाया नकली खाद का मामला
11-Jun-2026 3:21 PM
जयनगर में फिर गरमाया नकली खाद का मामला

ग्रामसभा ने लाइसेंस निरस्तीकरण का किया प्रस्ताव पारित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर,11 जून। जयनगर क्षेत्र में कथित रूप से नकली खाद निर्माण और अवैध भंडारण को लेकर एक बार फिर विवाद गहरा गया है। ग्राम पंचायत जयनगर के भाजपा नेता मो.इसराइल ने रासायनिक खाद व्यवसायी प्रशांत कुमार अग्रवाल एवं उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कृषि विभाग से कार्रवाई की मांग की है।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य एवं भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नेता मो. इसराईल ने उप संचालक कृषि सूरजपुर को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने तथा खाद लाइसेंस निरस्त करने की मांग की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि भगवानपुर कला निवासी विमल राजवाड़े के घर से 25 मई को कृषि विभाग द्वारा 163 बोरी खाद जब्त की गई थी। कार्रवाई तत्कालीन उर्वरक निरीक्षक नागेंद्र आरमो द्वारा की गई थी।  आरोप है कि जब्त खाद के संबंध में घर मालिक द्वारा कथित रूप से संबंधित खाद संचालक का नाम बताए जाने के बावजूद मामले को अज्ञात खाद बताकर प्रस्तुत किया गया, जिससे जांच की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जांच अधिकारी ने कार्रवाई के दौरान वास्तविक दोषियों को बचाने के उद्देश्य से मामले में लीपापोती की है। उनका आरोप है कि खाद के नमूनों को प्रयोगशाला भेजने में भी अनावश्यक विलंब किया गया, जिससे संदेह और गहरा गया है। उन्होंने मांग की है कि पूरे मामले की पुन: सुपरविजन जांच किसी वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।मामला तब और गंभीर हो गया जब 5 जून को आयोजित जयनगर पंचायत के ग्रामसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर संबंधित खाद दुकान के लाइसेंस की जांच एवं निरस्तीकरण की मांग की गई है। आरोप यह भी है कि क्षेत्र के किसानों को नकली खाद बेचकर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा रहा है और इससे कृषि उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि 30 मई 2025 को कृषि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 2400 से 2500 बोरी नकली खाद, करीब 15000 खाली बोरियां तथा नकली खाद निर्माण में प्रयुक्त अन्य सामग्री जब्त की थी। यह कार्रवाई तत्कालीन लाइसेंसधारी महावीर प्रसाद अग्रवाल से जुड़े ठिकानों पर की गई थी। मामले में जयनगर थाना में अपराध दर्ज कराया गया था और प्रकरण वर्तमान में सूरजपुर न्यायालय में विचाराधीन है। उस मामले के बाद कलेक्टर सूरजपुर द्वारा संबंधित खाद लाइसेंस निरस्त कर दिया गया था।

हालांकि शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद परिवार के अन्य सदस्य के नाम पर नया लाइसेंस प्राप्त कर पुन: वही गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।शिकायतकर्ता ने कृषि विभाग से मांग की है कि जब्त खाद की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध भंडारण स्थलों का पता लगाया जाए तथा दोषी पाए जाने पर संबंधित लाइसेंस निरस्त कर कानूनी कार्रवाई की जाए।


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