सूरजपुर
पर्यटन, संस्कृति और आजीविका गतिविधियों का लिया जायजा
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 11 जून। छत्तीसगढ़ प्रशासन अकादमी में प्रशिक्षणरत भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के परिवीक्षाधीन अधिकारियों आर. गोकुल, यशवंत नायक एवं इशांत जायसवाल ने सूरजपुर जिले का भ्रमण कर यहां की पर्यटन, संस्कृति तथा आजीविका आधारित गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। भ्रमण से पूर्व अधिकारियों ने कलेक्टर रेना जमील से सौजन्य भेंट की।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने जिले के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित केनापारा पर्यटन स्थल का दौरा किया। उन्होंने एसईसीएल और जिला प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से खदान उत्खनन के बाद अनुपयोगी पड़े जलाशय को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया का अध्ययन किया। अधिकारियों ने यहां महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित गतिविधियों की सराहना करते हुए उनके आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी जानकारी भी प्राप्त की।
इसके बाद अधिकारियों ने शशिपुर तेलईकछार स्थित माटी कला बोर्ड द्वारा संचालित ग्लेजिंग यूनिट का भ्रमण किया। उन्होंने वहां कार्यरत कर्मचारियों और महिला समूहों के सदस्यों से चर्चा कर मशीन एवं ओपन भट्टी के माध्यम से तैयार किए जा रहे मिट्टी के उत्पादों का अवलोकन किया। साथ ही उत्पादों की विपणन व्यवस्था और आय के स्रोतों के बारे में जानकारी ली।
प्रथम राष्ट्रपति भवन पंडोनगर की ऐतिहासिक जानकारी ली
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षु अधिकारी पंडोनगर स्थित भारत के प्रथम राष्ट्रपति भवन भी पहुंचे। यहां उन्होंने उस दौर के साक्षी रहे बसंत पंडो एवं समाज के अन्य लोगों से मुलाकात कर भवन के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी प्राप्त की। परिसर का अवलोकन कर अधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त की और इसके संरक्षण की सराहना की।
इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर सुनील अग्रवाल, प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टर यशवंत देवांगन, डीपीओ डॉ. मोहन साहू, बसंत पंडो, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं सचिव, महिला समूहों के पदाधिकारी तथा विभिन्न स्थलों पर कार्यरत कर्मचारी उपस्थित रहे।


