सूरजपुर
समीक्षा बैठक में कहा— केवल रिपोर्ट नहीं, जमीनी परिणाम दिखने चाहिए
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर, 14 मई। कलेक्टर रेना जमील ने बुधवार को जिला संयुक्त कार्यालय सभाकक्ष में स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक लेकर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, संस्थागत व्यवस्थाओं और विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं सीधे आमजन के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर ने कहा कि अब केवल कागजी रिपोर्टिंग पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि योजनाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के वास्तविक परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई देने चाहिए। निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्य पूरे नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य केंद्रों में उपचार व्यवस्था और सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं की समय पर स्वास्थ्य जांच, एएनसी सेवाएं तथा संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। जिन स्वास्थ्य केंद्रों में संस्थागत प्रसव की संख्या कम पाई गई, वहां के संबंधित ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों को सुधार लाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की पृथक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा।
टीकाकरण में शत-प्रतिशत लक्ष्य के निर्देश
कलेक्टर ने बच्चों के टीकाकरण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सर्वे सूची के आधार पर सभी बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए और कोई भी बच्चा इस सेवा से वंचित न रहे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और मितानिनों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए।बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा भी की गई।


