सूरजपुर

नेशनल लोक अदालत में हजारों प्रकरणों का निराकरण, 5 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड पारित
10-May-2026 11:17 PM
नेशनल लोक अदालत में हजारों प्रकरणों का निराकरण, 5 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड पारित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर 10 मई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के मार्गदर्शन में जिला न्यायालय सूरजपुर में वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा ने वर्चुअल माध्यम से किया।

इसके बाद जिला न्यायालय परिसर में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनीता वार्नर एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों की उपस्थिति में वरिष्ठ नागरिक संघ के सदस्यों द्वारा दीप प्रज्वलित कर न्याय पर्व की शुरुआत की गई। आयोजन में अधिवक्ता, न्यायिक कर्मचारी, बैंक, नगरपालिका एवं विद्युत विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

यह नेशनल लोक अदालत जिला एवं सत्र न्यायालय के साथ-साथ कुटुम्ब न्यायालय, तालुका न्यायालय प्रतापपुर, बाल न्यायालय एवं जिले के सभी राजस्व न्यायालयों में भी आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लंबित एवं प्री-लिटिगेशन मामलों का आपसी सहमति से त्वरित निराकरण करना था।

आयोजित लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा मामलों में पीडि़त परिवारों को बड़ी राहत मिली। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश की खण्डपीठ क्रमांक-1 में वर्षों पुराने एक प्रकरण का 17 लाख 50 हजार रुपये में समझौता हुआ।

खण्डपीठ क्रमांक-3, फास्ट ट्रैक कोर्ट सूरजपुर में एक महिला को मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण में 21 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। वहीं खण्डपीठ क्रमांक-4 में 6 लाख 70 हजार रुपये तथा खण्डपीठ क्रमांक-6 में दो अलग-अलग प्रकरणों का 11 लाख एवं 13 लाख 50 हजार रुपये में निराकरण किया गया।

समाज कल्याण विभाग के सहयोग से ग्राम मसिरा निवासी दिव्यांग बालेश्वर सिंह को मोटराइज्ड ट्राय साइकिल प्रदान की गई। कुछ वर्ष पूर्व पेड़ से गिरने के कारण वे कमर से नीचे के हिस्से से चलने-फिरने में असमर्थ हो गए थे। ट्राय साइकिल मिलने पर उन्होंने न्यायाधीशों एवं समाज कल्याण विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

नेशनल लोक अदालत के लिए जिले में कुल 33 खण्डपीठों का गठन किया गया था। इनमें सिविल, पारिवारिक, मोटर दुर्घटना दावा, राजस्व, बैंक लेन-देन, बिजली, टेलीफोन एवं जल बकाया बिलों सहित विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की गई।

सभी खण्डपीठों ने आपसी सहमति से हजारों मामलों का सफल निराकरण कराया।

83 हजार से अधिक पक्षकार हुए लाभान्वित

नेशनल लोक अदालत में कुल 2587 लंबित एवं 92592 प्री-लिटिगेशन प्रकरण विचारार्थ रखे गए थे। इनमें से 83580 प्रकरणों का सफल निराकरण किया गया तथा कुल 5 करोड़ 9 लाख 33 हजार 428 रुपये का अवॉर्ड पारित किया गया। इससे 83580 पक्षकार लाभान्वित हुए।


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