सूरजपुर

जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण की मांग, अधिवक्ता संघ वित्त मंत्री से मिला
04-Feb-2026 11:17 PM
जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण की मांग, अधिवक्ता संघ वित्त मंत्री से मिला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

सूरजपुर, 4 फरवरी। जिला न्यायालय सूरजपुर के नवीन भवन निर्माण की मांग को लेकर जिला अधिवक्ता संघ लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में हाल ही में छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के बाद अब अधिवक्ता संघ ने अंबिकापुर प्रवास पर पहुंचे राज्य के वित्त मंत्री ओपी चौधरी से भेंट कर अपनी मांगों को पुन: उनके समक्ष रखा और शीघ्र निराकरण की मांग की।

जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बलराम शर्मा ने बताया कि वित्त मंत्री ने संघ की बातों को गंभीरता से सुना और तत्काल कलेक्टर को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया है। इसके बाद अधिवक्ताओं में यह उम्मीद जगी है कि अब जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ होगा।

उल्लेखनीय है कि जिला न्यायालय सूरजपुर के नवीन भवन निर्माण का मामला वर्ष 2017 से लंबित है। इस संबंध में जिला अधिवक्ता संघ ने वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए समस्या के निराकरण की मांग की।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2017 में जिला न्यायालय सूरजपुर के नवीन भवन निर्माण हेतु भूमि का चयन किया गया था, जिसमें से 1.82 हेक्टेयर भूमि वन क्षेत्र के अंतर्गत आती है। वन भूमि के व्यपवर्तन के लिए राज्य सरकार द्वारा कैंपा मद में निर्धारित राशि जमा करना आवश्यक है। वन विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 में लगभग 31 लाख रुपये जमा करने के निर्देश दिए गए थे, किंतु समय-सीमा में राशि जमा नहीं होने के कारण यह राशि वर्ष 2022-23 में बढक़र 49.42 लाख रुपये हो गई।

इसके बाद भी राशि समय पर जमा नहीं होने से वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह राशि बढक़र 64,26,559 रुपये हो गई। पत्र के अनुसार पूर्व में कुछ राशि जमा की जा चुकी है, जबकि वर्तमान में शेष 14,84,614 रुपये वित्तीय वर्ष 2025-26 में जमा किए जाने पर ही वन भूमि का व्यपवर्तन संभव होगा और नवीन न्यायालय भवन हेतु भूमि आवंटन का मार्ग प्रशस्त हो सकेगा।

ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि वर्ष 2013 में जिला न्यायालय सूरजपुर का गठन हुआ था, लेकिन आज तक न्यायालय पुराने तहसील न्यायालय भवन में संचालित हो रहा है।

समय के साथ पीठासीन अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं प्रकरणों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि भवन की सीमित क्षमता के कारण अधिवक्ताओं, पक्षकारों और आम नागरिकों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सूरजपुर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल अत्यंत विस्तृत है, जहां से अधिवक्ता और पक्षकारों को 100 से 125 किलोमीटर दूर से न्यायालय आना पड़ता है। वर्तमान में लगभग 370 अधिवक्ता, सहित अन्य जिलों के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्यों के लिए यहां आते हैं, परंतु बैठने और कार्य करने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

जिला अधिवक्ता संघ सूरजपुर ने वित्त मंत्री से आग्रह किया है कि राज्य सरकार को निर्देशित कर कैंपा मद की शेष राशि वित्तीय वर्ष 2025-26 की समाप्ति से पूर्व जमा कराई जाए, जिससे जिला न्यायालय सूरजपुर के नवीन भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो सके और अधिवक्ताओं तथा आम नागरिकों को आवश्यक सुविधाएं मिल सकें।

वित्त मंत्री से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में  बार  एसोसिएशन केअध्यक्ष बलराम शर्मा, लोक अभियोजक राजू दास सहित अन्य अधिवक्ता उपस्थित रहे।


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