सूरजपुर

खबर का असर: विधायक ने कस्तूरबा आश्रम पहुंच लिया व्यवस्थाओं का जायजा
04-Feb-2026 11:16 PM
खबर का असर:  विधायक ने कस्तूरबा आश्रम पहुंच लिया व्यवस्थाओं का जायजा

 बच्चियों की पीड़ा सुनकर भडक़ीं विधायक, बीईओ-बीआरसी को एक सप्ताह में सुधार के निर्देश

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

प्रतापपुर, 4 फरवरी। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय प्रतापपुर में अनियमितता,घटिया भोजन, साफ-सफाई की बदहाली और छात्राओं के साथ प्रताडऩा से जुड़ी खबरें सामने आने के बाद शासन-प्रशासन हरकत में आता नजर आया। ‘छत्तीसगढ़’ में खबर प्रकाशित होने के बाद प्रतापपुर विधायक शकुंतला सिंह पोर्ते ने 4 फरवरी को स्वयं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय पहुंचकर छात्राओं से सीधे संवाद किया और आश्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान विधायक ने छात्राओं से अलग-अलग चर्चा कर भोजन, सुरक्षा, व्यवहार, साफ-सफाई एवं मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली। छात्राओं ने खुलकर अपनी पीड़ा साझा करते हुए बताया कि उन्हें कई बार आधा पेट भोजन दिया जाता है, भोजन की गुणवत्ता बेहद खराब रहती है, साथ ही मानसिक दबाव व प्रताडऩा का सामना करना पड़ता है। बच्चियों की बातें सुनकर विधायक भावुक हो गईं और अधिकारियों पर नाराजगी जताई।

निरीक्षण के दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी मुन्नूलाल धुर्वे की मौजूदगी में विधायक ने आश्रम की बदहाल स्थिति पर कड़ी फटकार लगाते हुए व्यवस्था तत्काल सुधारने के निर्देश दिए। वहीं बीआरसी रमेश शरण सिंह को फोन पर छात्रावासों एवं आश्रमों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर फटकार लगाते हुए जल्द सुधार के आदेश दिए गए।

विधायक ने मोबाइल के माध्यम से कलेक्टर से भी संपर्क कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस प्रकरण में केवल खानापूर्ति नहीं चलेगी, जिम्मेदारों को बख्शा नहीं जाएगा।

विधायक ने कस्तूरबा छात्रावास में विधायक का मोबाइल नंबर प्रदर्शित नहीं किए जाने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने आश्रम अधीक्षक एवं बीईओ को निर्देश दिए कि सभी छात्रावासों एवं आश्रमों में विधायक का संपर्क नंबर तत्काल अंकित किया जाए, ताकि छात्राएं किसी भी परेशानी में सीधे संपर्क कर सकें।

छात्राओं से संवाद के दौरान विधायक ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे एक मां की तरह उनकी हर समस्या के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेंगी। विधायक ने बच्चियों को अपना मोबाइल नंबर देते हुए कहा कि आज के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही या प्रताडऩा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गौरतलब है कि इससे पहले कस्तूरबा आश्रम में अनियमितता के आरोपों को लेकर बालिकाओं से मिलने पर रोक लगाए जाने से राजनीतिक माहौल गर्म हो गया था। जनप्रतिनिधियों ने धरना प्रदर्शन किया था और बीईओ-बीआरसी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठे थे। रोती बच्चियों ने सडक़ पर उतरकर अपना दर्द बयां किया था, जिससे पूरे क्षेत्र में जनआक्रोश फैल गया था।

विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बीईओ और बीआरसी को चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


अन्य पोस्ट