सूरजपुर
15 हजार क्विंटल धान की कमी के बाद बड़ी कार्रवाई, रेवटी में 277 बोरी अवैध धान जब्त
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
प्रतापपुर,17 जनवरी। सूरजपुर जिले में धान के उठाव और भंडारण में भारी अनियमितता सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। राइस मिलों के भौतिक सत्यापन के दौरान करीब 15 हजार क्विंटल धान की कमी पाए जाने के बाद कलेक्टर ने जिलेभर में धान उठाव पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जब तक सभी समितियों और राइस मिलों का संपूर्ण भौतिक सत्यापन नहीं हो जाता, तब तक किसी भी परिस्थिति में धान का उठाव नहीं किया जाएगा।
इसी क्रम में प्रशासन ने अवैध धान भंडारण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम रेवटी (तेंदूबांध) में 277 बोरी, लगभग 110.8 क्विंटल धान जब्त किया है। यह धान कुंजन पटेल/रामसुहाग के घर के समीप खुले मैदान में अज्ञात व्यक्ति द्वारा भंडारित किया गया था। सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची और धान को जब्त कर लिया।
जब्त धान को चार पिकअप के माध्यम से समिति गोविंदपुर भेजा गया, जहां इसे समिति प्रबंधक को सुपुर्द किया गया। कार्रवाई में तहसीलदार प्रतापपुर, नायब तहसीलदार डांडक़रवां, नायब तहसीलदार प्रतापपुर तथा खाद्य निरीक्षक प्रतापपुर मौजूद रहे।
गौरतलब है कि एक दिन पूर्व प्रतापपुर क्षेत्र की राइस मिलों में किए गए भौतिक सत्यापन के दौरान 15 हजार क्विंटल धान की कमी उजागर हुई थी। इससे जिले में हडक़ंप मच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि जब समितियों से धान का उठाव कागजों में पूर्ण दर्शाया जा रहा है, तो वास्तविक धान आखिर कहां गया।
सूत्रों के अनुसार मंडियों से ट्रक तो रवाना होते हैं, लेकिन उनमें धान लोड नहीं किया जाता। केवल वाहनों की तस्वीरें लेकर कागजी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाती हैं और राइस मिलों तक धान पहुंचने का रिकॉर्ड दर्ज कर दिया जाता है। इस तरीके से बड़े पैमाने पर धान की हेराफेरी की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस पूरे मामले में धान कोचियों और कुछ राइस मिल संचालकों की भूमिका संदिग्ध है, जिससे शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका है। वहीं किसानों से हमाली और तुलाई के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


