सूरजपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सूरजपुर,12 जनवरी। एसईसीएल भटगांव क्षेत्र की नवापारा भूमिगत खदान से जुड़े स्क्रैप अफरा-तफरी मामले में अब विजलेंस की औपचारिक एंट्री हो गई है। जानकारी के अनुसार विजलेंस की टीम दो दिवस पूर्व नवापारा खदान पहुंची और संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों से आवश्यक पूछताछ की।
विजलेंस की दबिश के बाद खदान प्रबंधन में हड़कंप की स्थिति है। जांच उपरांत टीम मुख्यालय लौट गई है और इस मामले में प्रथम दृष्टया जिनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है, उन्हें तस्दीक एवं बयान दर्ज कराने के लिए मुख्यालय तलब किया गया है।
बताया जाता है कि वर्ष के अंतिम सप्ताह 25 दिसम्बर नवापारा खदान से स्क्रैप की अफरा-तफरी की जा रही थी। हालांकि सुरक्षा कर्मियों की सतर्कता के चलते मामला उजागर हो गया और स्क्रैप चोरी पकड़ी गई। इस प्रकरण को और संदिग्ध उस समय बना दिया गया, जब स्क्रैप उठाव करने वाले कबाड़ खरीददार ने स्वीकार किया कि एक वाहन के लिए उसके पास विधिवत अनुमति पत्र था, जबकि दूसरी गाड़ी में लोड स्क्रैप का उठाव अधिकारियों को नगद राशि देकर कराया गया।
मामला सामने आने के बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और संबंधित पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते नजर आए। सूत्रों के अनुसार इस पूरे मामले में सब एरिया मैनेजर और कॉलरी इंजीनियर की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
खबर प्रकाशन और विजलेंस जांच के बाद प्रबंधन ने खदान के इंजीनियर अभिषेकसिन्हा का तबादला कर दिया है। इसके साथ ही क्षेत्रीय प्रबंधन द्वारा कुछ अन्य अधिकारी-कर्मचारियों को मेमो जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।
वहीं, स्क्रैप अफरा-तफरी का विरोध करने वाले सुरक्षा कर्मी ललित गुप्ता को विजलेंस ने सोमवार को बिलासपुर मुख्यालय बुलाकर बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है।
सूत्रों का कहना है कि स्क्रैप अफरा-तफरी का यह मामला 'सेटिंग' बिगडऩे के कारण उजागर हुआ, जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि इससे पहले भी भटगांव क्षेत्र
की विभिन्न खदानों से बड़े पैमाने पर स्क्रैप में गोलमाल किया गया होगा।इस संबंध में भटगांव क्षेत्र के क्षेत्रीय महाप्रबंधक दिलीप बोबडे ने बताया कि मामले की जांच चल रही है प्रकरण में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही होगी।उन्होंने बताया कि मामले में कुछ लोगों की भूमिका संदिग्ध मिलने से उनका तबादला दूसरी जगह कर संबंधितों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।


