राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : महिलाओं का दर्द और कौन समझेगा...
14-Oct-2021 5:24 PM (195)
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : महिलाओं का दर्द और कौन समझेगा...

महिलाओं का दर्द और कौन समझेगा...

महिला एवं बाल विकास विभाग की मंत्री अनिला भेंडिया ने अपने इलाके की समस्या सुनने के लिये एक शिविर लगाया। महिलायें चेहरे पर पीड़ा लिये उनसे शिकायत कर रही हैं कि गांव में अवैध शराब की बिक्री बहुत बढ़ गई है। लोगों को सरकार ने खुद के लिये शराब बनाने की छूट दी है, पर लोग खुलेआम बेच रहे हैं। पीने वालों के कारण गांव का माहौल खराब हो रहा है। मंत्री भेडिय़ा ने शिकायत सुनकर ठहाके लगाते हुए पुरुषों सलाह दी, थोड़ी सी पीओ और घर जाकर सो जाया करो। आगे बात संभालते हुए कहा- महिलाओं को ही घर देखना पड़ता है, इसलिये शराबियों से उनको ही तकलीफ ज्यादा होती है। पत्रकारों से उन्होंने कहा कि शराब तो अभी बंद नहीं हो रही है। उन्होंने महिलाओं को समझाया है कि पहले अपने घर को ही देखो, फिर पड़ोसियों को पीने से रोकें। हालांकि उन्होंने एसडीएम को शराब की अवैध बिक्री पर कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया है।

बीते दिनों शराब किस तरह से समय पर बार पहुंचकर पीना चाहिये, मंत्री जयसिंह अग्रवाल बता चुके हैं। आदिवासी संस्कृति में शराब की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका है यह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम और आबकारी मंत्री कवासी लखमा कई बार बता चुके हैं। दूसरी ओर नंदकुमार साय, ननकीराम कंवर शराब को बंद करने की मांग करते रहे हैं, अपनी सरकार के समय भी। दिवंगत प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी भी आदिवासियों की तरक्की में शराब को बहुत बड़ी बाधा मानते थे और इसे बंद करने के पक्षधर रहे। अब सत्ता में कोई दिखता नहीं जो शराब के खिलाफ खुलकर कहे। जबकि सरकार पर शराबबंदी का चुनावी वायदा पूरा करने का दबाव बना हुआ है।

कवर्धा मामले का विवादित वीडियो 

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के बेटे पूर्व सांसद अभिषेक सिंह भी उन लोगों में शामिल हैं, जिनके खिलाफ कवर्धा का माहौल खराब करने के लिये अपराध दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया, खासकर ट्विटर पर एक वीडियो पिछले पांच-छह दिनों से चल रहा है, जिसमें जुलूस में शामिल लोग एक वर्ग विशेष के खिलाफ उकसाने वाले नारे लगा रहे हैं। इस जुलूस में अभिषेक की उपस्थिति भी बताई जा रही है। इस ट्वीट पर कई लोगों ने कहा है कि वीडियो एडिटेड है तो कई कहते हैं, नहीं यह पूरी तरह सच है। यदि वाकई किसी ने फेब्रिकेटेड वीडियो अपलोड कर दी है तो उस पर भाजपा या डॉ. रमन या फिर अभिषेक की ओर से खंडन किया जाना चाहिये। इधर राजनांदगांव पहुंचे प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा है कि डॉ. रमन सिंह को पीड़ा इसलिये हो रही है कि कवर्धा एफआईआर में उनके बेटे का नाम आ गया है।

निमंत्रण देकर तो नहीं बुलाया..

यह बात जरा जम नहीं रही है कि एक तरफ आदिवासी नृत्य महोत्सव के लिये हमारे विधायक विभिन्न राज्यों में जा-जाकर लोगों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचने का निमंत्रण दे रहे हैं, पर जो आदिवासी हसदेव के वनों को बचाने के लिये अपनी मर्जी से 300 किलोमीटर पैदल चलकर सरगुजा से पहुंचे हैं, उनका स्वागत करने के लिये अधिकारिक रूप से सरकार की ओर से कोई नहीं पहुंचा। कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार सिर्फ उनकी ही बात सुनेगी, स्वागत करेगी जो उनके निमंत्रण पर ही पहुंचेंगे।

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