राजपथ - जनपथ

छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : काम की जिम्मेदारी, और समझदारी?
छत्तीसगढ़ की धड़कन और हलचल पर दैनिक कॉलम : राजपथ-जनपथ : काम की जिम्मेदारी, और समझदारी?
11-Jun-2020 7:20 PM

काम की जिम्मेदारी, और समझदारी?

छत्तीसगढ़ में महिलाओं की बहादुरी के किस्से गिनाने वाले लोग बाकी तमाम फिक्र परे रख देते हैं, और केवल बहादुरी का बखान करते हैं। अभी आज सुबह ही पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर ताम्रध्वज साहू ने बस्तर के कोंडागांव की अपने विभाग की एसडीओ श्रीमती पूर्णिमा चंद्रा की कई तस्वीरों के साथ उनकी तारीफ अपने फेसबुक पेज पर की है। उन्होंने लिखा है कि वे अपने डेढ़ बरस के बच्चे के साथ अतिसंवेदनशील पहुंचविहीन नवनिर्माणाधीन सडक़ का भीषण गर्मी में निरीक्षण कर रही हैं। उनका यह काम कर्तव्यनिष्ठा और दायित्व के प्रति उनके समर्पण को बताता है और वह अन्य अधिकारियों के लिए भी एक मिसाल है।

अफसर का मौके पर जाकर मुआयना करना अच्छी बात है, लेकिन जिस मौके पर भीषण गर्मी हों, और खुद मंत्री के मुताबिक यह अतिसंवेदनशील मार्ग हो, वहां पर दर्जन भर लोगों के बीच खुद भी बिना मास्क लगाए और कर्मचारियों-मजदूरों के भी बिना मास्क लगाए हुए, ऐसी गर्मी में बच्चे को लेकर जाना कर्तव्य से परे दूसरी जवाबदेही की बात भी है। अभी-अभी बस्तर के हथियारबंद मोर्चे पर एक कमांडो महिला की तारीफ का बखान सरकार ने किया था कि वह छह महीने की गर्भवती होने के बाद भी जंगल-जंगल नक्सल मोर्चे पर बंदूक लिए दौड़-भाग कर रही थी। अब इस महिला अधिकारी की तारीफ हो रही है। महिला और बाल विकास मंत्री को दखल देकर बच्चों की फिक्र करनी चाहिए क्योंकि तारीफ करने वाले पुरूष नेता-अफसर तो इस बारीकी को समझ नहीं पाएंगे।

शिवरतन पर बवाल

शिवरतन शर्मा एक टीवी डिबेट में कांग्रेस नेता के साथ आमने-सामने क्या हुए, पार्टी के भीतर विवाद खड़ा हो गया। दरअसल, कांग्रेस ने दो साल पहले सोनिया गांधी और भूपेश बघेल के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने पर शिवरतन शर्मा का बायकाट कर रखा है। बावजूद इसके उनके साथ डिबेट में कुछ नेता बैठे, जिस पर कुछ नेताओं को आपत्ति है।

वैसे तो शिवरतन शर्मा, कांग्रेस की सरकार बनते ही कई बार सीएम से मिल चुके हैं, और चर्चा है कि वे अपनी गलतियों के लिए खेद भी प्रकट कर चुके हैं। शिवरतन के एक भतीजे को राशन घोटाले के चलते तीन माह जेल में भी रहना पड़ा था। इन सब वजहों से वे आक्रामक बयानबाजी से बचते हैं। उन्होंने भाजपा के मीडिया विभाग को उनके नाम से आपत्तिजनक बयानबाजी न करने की सख्त हिदायत भी दे रखी है।  इतना सब कुछ होने के बाद भी कांग्रेस नेता भूलने के लिए तैयार नहीं है।

एक कांग्रेस नेता ने इस मामले को लेकर पार्टी संगठन के कुछ प्रमुख नेताओं के समक्ष अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका तर्क है कि शिवरतन ने सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगी है, तो उनका बायकाट वापस क्यों लिया गया। आपत्ति करने वाले नेता को कौन समझाए, कि बंद कमरे में सबकुछ हो चुका है। इसलिए खुले तौर पर हर बात कहना जरूरी नहीं है। वैसे भी पार्टी सत्ता में है, ऐसे में थोड़ा उदार रूख अपनाना चाहिए।

भाजपा टीम में कौन?

भाजपाध्यक्ष विष्णुदेव साय जल्द से जल्द अपनी टीम बनाने की कोशिशों में जुट गए हैं। उन्होंने पार्टी के सीनियर नेता रामप्रताप सिंह से बंद कमरे में करीब एक घंटे तक चर्चा की। सुनते हैं कि रामप्रताप सिंह अपने करीबी पूर्व विधायक निर्मल सिन्हा को महामंत्री के पद पर देखना चाहते हैं। जबकि कई नेता इससे सहमत नहीं हैं। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह और अन्य प्रमुख नेता, राजेश मूणत को महामंत्री बनाना चाहते हैं। मूणत की छवि तेज तर्रार नेता की है, और चूंकि साय सीधे-साधे नेता हैं। इसलिए महामंत्री का दायित्व तेज तर्रार नेता को सौंपने की कोशिश हो रही है।

दूसरी तरफ, दिल्ली में भी राष्ट्रीय अध्यक्ष जगतप्रकाश नड्डा भी जल्द अपनी कार्यकारिणी घोषित कर सकते हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में रमन सिंह और सरोज पाण्डेय को अहम जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा है। राज्यसभा सदस्य रामविचार नेताम को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिलने की चर्चा है। नड्डा प्रदेश के प्रभारी रह चुके हैं। वे यहां के सभी नेताओं और उनकी कार्यशैली से परिचित हैं। पार्टी हल्कों में चर्चा है कि अजय चंद्राकर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिल सकती है। इससे परे बृजमोहन अग्रवाल, प्रेमप्रकाश पाण्डेय, नारायण चंदेल सहित कई और नामों की चर्चा है। जानकारों का अंदाजा है कि गुटीय संतुलन बनाए रखने के लिए रमन सिंह विरोधी खेमे के कुछ नेताओं को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिल सकती है।

इशारे-इशारे में नसीहत

इन दिनों इंटरनेट और सोशल मीडिया की मेहरबानी से लोग संकेतों में अधिक बात करने लगे हैं। कुछ चीजों पर पहले भी ऐसा होता था, जब एक गधे की फोटो बनाकर लिख दिया जाता था- पेशाब कर रहा है।

अब अभी रायपुर शहर की दीवार पर उसी अंदाज की एक नई वॉल राइटिंग सामने आई है जो बता रही है कि इंसानों के लिए शौचालय क्यों जरूरी है।

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