सारंगढ़-बिलाईगढ़

धान खरीदी में 99 लाख का फर्जीवाड़ा, सहकारी समिति के 4 कर्मी बंदी
10-Jun-2026 5:33 PM
धान खरीदी में 99 लाख का फर्जीवाड़ा,  सहकारी समिति के 4 कर्मी बंदी

2 पहले पकड़े जा चुके हैं

 ‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़,10 जून।
जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के सरिया थाना अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित साल्हेओना (धान उपार्जन केन्द्र पंजीयन क्रमांक 245) में वर्ष 2025-26 की खरीफ फसल धान खरीदी के दौरान हुए फर्जीवाड़े के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शासन और समिति को आर्थिक हानि पहुंचाने के आरोप में समिति के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी है।
पुलिस जांच और आरोपियों के मेमोरेंडम कथन के अनुसार, धान उपार्जन केन्द्र साल्हेओना में 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक धान की खरीदी की गई थी। इस दौरान बिना नियुक्ति आदेश के अनधिकृत लोगों से धान खरीदी का कार्य कराया गया।

आरोपियों ने मिलीभगत कर बिना फड़ (उपार्जन केंद्र) में धान आए, ऑनलाइन पोर्टल पर फर्जी एंट्री दर्ज कर दी। इस प्रक्रिया के माध्यम से लाखों आर्थिक क्षति पहुंचाई गई। फर्जी धान खरीदी- 3,140.80 क्विंटल धान (कीमत 97,36,480 रु.), बारदाना अनियमितता- 2,045 नया जूट बारदाना (कीमत 1,75,931.35 रूपये )-कुल वित्तीय हानि-99,12,411.35 (निन्यानबे लाख बारह हजार चार सौ ग्यारह रुपये पैंतीस पैसे)।
सरिया पुलिस ने 9 जून की दोपहर घेराबंदी कर चार कर्मचारियों कन्हैया लाल पटेल  समिति लिपिक (क्लर्क) कटंगपाली अ, थाना सरिया,  अर्जुन लाल पटेल  समिति भृत्य (पीन) कण्डोला, थाना सरिया, मुकेश पटेल उर्फ प्रेमसागर पटेल दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी साल्हेओना, थाना सरिया, शौकी लाल सिदार रात्रि चौकीदार, साल्हेओना, थाना सरिया को  गिरफ्तार किया।

इस प्रकरण में मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक बंशीधर पटेल और कंप्यूटर ऑपरेटर वासुदेव पटेल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है।
पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के कृत्य को गंभीर पाते हुए मामले में भारतीय न्याय संहिता ( बीएनएस) की विभिन्न धाराएं जोड़ी हैं।
 आरोपियों के विरुद्ध धारा 316(5), 3(5) एवं 61(2)(क) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
 गिरफ्तारी के पश्चात सभी आरोपियों की सूचना उनके परिजनों को दे दी गई है। स्थानीय अस्पताल में वैधानिक स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


अन्य पोस्ट