सारंगढ़-बिलाईगढ़
पांच दिवसीय दिव्य सत्संग एवं प्रवचन कथा
सारंगढ़/भटगांव, 27 मई। नगर के केशरवानी भवन में आयोजित पांच दिवसीय दिव्य सतसंग एवं प्रवचन कथा के दूसरे दिन कथा व्यास पं. पवन कुमार महराज जी प्रयागराज वाले ने कहा कि भगवान भोलेनाथ भगवान श्री राम चन्द्र जी की कृपा उसी पर होती है, जो शुभ संकल्प के साथ अपना कार्य करते हैं। अच्छे संकल्प से ही विजय श्री मिलती है। कथा व्यास महराज पवन कुमार ने रामचरित मानस की कथा सुनाई। कथा के दरम्यान उन्होंने कहा कि जिनका अच्छा संकल्प होता है तो विजयश्री उन्हीं को ही मिलती है। हमें अपना संकल्प अर्थात विचार शुद्ध व शुभ रखना चाहिए, तभी भोलेनाथ कि नारी का महत्व सर्वोपरि है और नवधा भक्ति के बारे विशेष रूप से चर्चा करते हुए नव भक्ति के रूप में विस्तृत रूप से बताए। भक्ति के विषय में कथा व्यास ने कहा पर भगवान शंकर भोलेनाथ जी बताते हैं कि पहली भक्ति भगवान के नाम का श्रवण,दूसरी भक्ति भगवान की भगवान के प्रति दासता का भाव, आठवीं भक्ति भगवान के साथ मित्रता का भाव औऱ नवी भक्ति आत्म निवेदन है ।
अर्थात आत्म समर्पण कर देना है।
गुरु के बारे में कथा व्यास ने कहा कि गुरु के शरण में व्यक्ति निर्भय हो जाता है, मृत्यु भी शिष्य के पास नहीं आती। जब शिष्य गुरु की सेवा करता है केवल गुरु के शरण में ही निर्भयता है।
इस प्रकार कथा व्यास ने श्री रामचरित मानस की चौपाई सुनाकर गुरु की महिमा पर प्रकाश डाला कथा व्यास ने कहा कि व्यक्ति को किसी भी अवस्था में भगवान पर विश्वास रखना ही चाहिए। भगवान अपने भक्तों के प्रति हमेशा वात्सल्य भाव रखते हैं।


