सारंगढ़-बिलाईगढ़
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
सारंगढ़, 6 फरवरी। जिला सारंगढ़ बिलाईगढ़ के कलेक्टर कुमार लाल चौहान के निर्देशन में कार्यरत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चिरायु की टीम के द्वारा स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों का स्वास्थ्य परीक्षण का कार्य तेजी पर है। साथ ही नि:शुल्क इलाज की व्यवस्था भी टीम के मार्ग दर्शन में सफलतापूर्वक हो रहा है। जिले में कुल 7 टीम कार्यरत है। जिनके द्वारा अपने - अपने चिन्हित बच्चों का ईलाज कराया जाना होता है। ऐसे ही चिरायु टीम सारंगढ़ द्वारा चिन्हित लेन्धरा निवासी खिलेश साहू 16 वर्ष जो रह्युमेटिक हार्ट डिजीज से ग्रसित था। इस बीमारी में तेज चलने, दौडऩे से जल्दी सांस फूलना, शारीरिक थकान, जोड़ो में दर्द, विकासात्मक देरी व भारी कार्य करने में काफी समस्या होता था। इस प्रकार के बच्चे अपने उम्र से बहुत कम के दिखते हैं। चिरायु टीम और संबंधित ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक के द्वारा नि:शुल्क ऑपरेशन, चिकित्सा हेतु प्रेरित करके इनके गहन जांच हेतु रायपुर भेजा गया। जहां इकोकार्डियोग्राफी जांच में पता चला कि उसे वाल्व रिप्लेसमेंट की आवश्यकता है।
रायपुर में 11 जनवरी को भर्ती कराया गया। समस्त आवश्यक जांच के बाद 13 जनवरी को खिलेश का सफलतापूर्वक पूर्णत: निशुल्क सर्जरी (माइट्रल वाल्व रिप्लेसमेंट) किया गया। फिर कुछ दिन अपने ऑब्जर्वेशन में रखने के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। अब ये बालक पहले से स्वस्थ हैं। जहां आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चे जिन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्या होती है, स्वयं अपना ईलाज करा पाने में असमर्थ होते हैं, चूंकि इस प्रकार के इलाज में लाखों रुपए लगते हैं मगर चिरायु योजना से पुर्णत: नि:शुल्क हुआ है।
इस बच्चे को चिरायु योजना से लाभ पहुँचाने में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एफआरनिराला बीएमओ डॉ.आर एल सिदार, डीपीएम नंदलाल ईजारदार, चिरायु जिला नोडल अधि. डॉ.पीडी खरे, चिरायु टीम के डॉ.बद्री विशाल पंकज, डॉ. बबीता पटेल, डॉ.नम्रता मिंज, डॉ.गौरी जायसवाल, डॉ.प्रभा सारथी, फार्मासिस्ट योगेश्वर चंद्रम, एएनएम ललिता उरांव तथा ग्रामीण स्वा. संयोजक लेन्धरा के राजकुमार निराला का योगदान रहा।


