राजपथ - जनपथ
नाम और ओहदा
सत्ता चाहे बड़ी हो, चाहे छोटी, वह बददिमागी ला ही देती है। छोटे-छोटे से राजनीतिक ओहदों पर बैठे हुए लोग अपनी गाडिय़ों पर पदनाम की बड़ी-बड़ी सुनहरी तख्तियां जब तक लगवा नहीं लेते, वे उस गाड़ी की सीट पर टिक नहीं पाते। अब अभी छत्तीसगढ़ के राज्य उर्दू अकादमी बोर्ड के एक सदस्य की गाड़ी दिखी, जिस पर नियमों को तोड़ते हुए नंबर प्लेट के अक्षर तो चींटी के आकार के रखे गए हैं, लेकिन पदनाम की तख्ती पर सदस्य शब्द हाथी के आकार का लिखा गया है। जब तक कोई नीचे छोटे अक्षरों में लिखा राज्य उर्दू अकादमी पढ़े, तब तक यही लगेगा कि यह शायद संयुक्त राष्ट्र संघ के सदस्य की गाड़ी है। नंबर प्लेट के नियम तोडऩे के पहले लोगों को कम से कम उस पदनाम का सम्मान तो करना चाहिए जिसकी बड़े-बड़े सुनहरे अक्षरों में नुमाइश की गई है।
मंत्री-नेता असम, बंगाल की ओर...
पांच राज्यों के चुनाव की घोषणा के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में हलचल तेज हो गई है। पार्टी के प्रमुख नेता अन्य राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए रवाना हो रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री अरूण साव असम पहुंच चुके हैं, जहां वे अपने प्रभार की नौ विधानसभा सीटों के पदाधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। वे मंगलवार को रायपुर लौटेंगे और विधानसभा सत्र निपटने के बाद फिर चुनावी अभियान के लिए रवाना हो जाएंगे।
वित्त मंत्री ओपी चौधरी भी असम में दस विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। चुनाव की घोषणा होते ही उन्होंने वहां के पार्टी नेताओं से फोन पर चर्चा कर रणनीति पर काम शुरू कर दिया।
इधर सरकार से जुड़े कई निगम-मंडलों के चेयरमैन और पदाधिकारी पश्चिम बंगाल में डेरा डाले हुए हैं। इन पदाधिकारियों ने 14 मार्च को हुई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा के प्रबंधन की जिम्मेदारी संभाली थी, जिसे पार्टी काफी सफल मान रही है।
बंगाल में सक्रिय पदाधिकारियों में क्रेडा चेयरमैन भूपेंद्र सिंह सवन्नी, नीलू शर्मा, अनुराग सिंहदेव, विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य नेता शामिल हैं। सत्र निपटने के बाद सरकार के मंत्री, और विधायकों के साथ ही साथ संगठन के पदाधिकारी राज्यों में चुनाव प्रचार के लिए निकल जाएंगे।


