राजपथ - जनपथ

राजपथ-जनपथ : जिसका डर था वही हुआ
08-Dec-2025 5:56 PM
राजपथ-जनपथ : जिसका डर था वही हुआ

जिसका डर था वही हुआ

जिसे लेकर हर विद्युत कर्मचारी डर रहे थे वही हुआ। विद्युत कंपनी ने अपने 18 हजार कर्मचारियों के लिए पीएम सूर्य घर सोलर प्लांट लगाना अनिवार्य कर दिया है। श्रमिक अधिनियम के तहत उन्हें अविभाजित मध्यप्रदेश विद्युत मंडल से बिजली बिल में आधी छूट मिलती थी। पीएम सूर्य घर नहीं लगाने पर अब उन्हें मिलने वाली  यह छूट बंद कर दी गई है। बेचारे बिजलीकर्मी अब घर के न रहे और न घाट के, क्योंकि विभाग से छूट तो बंद कर दी गई है, सरकार से 200 यूनिट की जो छूट सब उपभोक्ताओं को मिल रही है वह भी नसीब नहीं हो रही है। वे फरियाद भी नहीं लगा पा रहे हैं। अब कर्मचारी अधिकारी अपने-अपने संघों के बैनर तले इस पर प्रदर्शन धरने आंदोलन की रणनीति बना रहे हैं।

हमने पिछले ही दिनों बताया था कि कंपनी के सलाहकारों की यह सलाह, गले की हड्डी की तरह फंस गई है। विद्युत मंडल के अधिकारी कर्मचारी चाहते हैं कि रेलवे की तरह वे भी हाईरिस्क सर्विस वाले होते हैं इसलिए उन्हें ,रेल कर्मचारियों के मुफ्त यात्रा पास की तरह बिजली मिलनी चाहिए। वे रेल कर्मचारियों की तुलना में बहुत कम होते हैं। इसलिए यह मंडल के बजट को भी प्रभावित नहीं करेगा।

दुनिया की गर्माहट भी महसूस कर लें

छत्तीसगढ़ में सर्दी ने पूरे तेवर के साथ दस्तक दे दी है। जशपुर, मैनपाट, कोरिया और सरगुजा के ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान लगातार पांच से सात डिग्री सेल्सियस तक लुढक़ गया है। सुबह का कोहरा इतना घना है कि सूरज देर तक दिखाई ही नहीं दे रहा। खेत-खलिहान ओस की चमक से ठिठुरे हुए। अमरकंटक में पारा तीन से चार डिग्री पर स्थिर। जाड़े के चलते पूरा अमरकंटक नैचुरल फ्रीजर बन गया है। कमोबेश मैनपाट का भी यही हाल। दिन सिकुड़ गए। सुबह देर से खिल रही और शाम जल्दी ढल रही। सिहरन के मौके पर कंबल की गरमाहट और चाय की भाप में ही सुख मिल रहा है।

मगर, चलिये अवगत हो जाएं, इसी से जुड़े कुछ और भी दिलचस्प तथ्यों से। दक्षिण भारत में तस्वीर उलट है।  छत्तीसगढ़ के और उत्तर और मध्य भारत के लोग ठिठुरन में लिपटे हैं, वहीं मुंबई में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ा हुआ है। गोवा के समुद्र तटों पर दिन में 31 से 33 डिग्री की चमकती धूप है, जो लोगों को गर्मी का एहसास दिला रही है। केरल के कोच्चि में उमस की चुभन ने दिसंबर को हमारे यहां का मार्च बना दिया है। कर्नाटक के करवार में 35.8 डिग्री का रिकॉर्ड टूट गया है। विचित्र है मौसम। एक ही देश में सर्दी और गर्मी की तीखी विभाजन रेखा। 

वैश्विक तस्वीर और भी चकित कर सकती है। पृथ्वी के कई हिस्सों में इस महीने ने इतिहास के सबसे गर्म दिनों के रिकॉर्ड दर्ज किए। कैरिबियन के डोमिनिका में तापमान 34 डिग्री से ऊपर चला गया, वहां दिसंबर का यह सबसे गर्म दिन दर्ज किया गया। ताइवान में तापमान 33.5 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां सामान्य तौर पर इस मौसम में हल्की ठंड रहती है, पर इस वर्ष कई शहरों में पारा लगातार 32 डिग्री से ऊपर है।  अफ्रीकी देश तंजानिया में हीट वेव और सूखे ने मिलकर लोगों के लिए इसी दिसंबर ने जीवन कठिन कर दिया है। यूरोप भी नवंबर के बाद से अभूतपूर्व गर्मी का सामना कर रहा है। स्पेन में तो और बुरा हाल है। दिसंबर के शुरुआती दिनों में पारा 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो न केवल देश के बल्कि यूरोप के भी अब तक के सबसे चरम है। ओशिनिया से लेकर एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका तक 100 से अधिक देशों में दिसंबर के पहले ही सप्ताह में गर्मी के रिकॉर्ड टूट चुके हैं।

कमाल की यह धरती। कहीं गर्मी, कहीं सर्दी, कहीं वर्षा और कहीं पर सूखा। इधर, हम सर्द हवाओं से जूझ रहे हैं। अलाव और सिगड़ी जला रहे हैं, तो दूसरी तरफ दूर दुनिया तपन से हांफ रही है। मौसम की यह सनक ग्लोबल वार्मिंग के मसले से भी जुड़ी है, पर उस पर बात  लंबी हो जाएगी। बस, हमें जलवायु को लेकर सतर्क और जिम्मेदार होना चाहिए।


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