राजनांदगांव
नांदगांव का शहरी और देहात इलाके में रोज कोरोना विस्फोट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 5 अप्रैल। कोरोना के ताबड़तोड़ मामलों से राजनांदगांव जिला भी दहशत में है। प्रदेश के दूसरे जिलों में की तरह राजनांदगांव में भी हालात कोरोना के चलते लगातार बिगड़ रहा है। कोरोना से बेकाबू स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि अप्रैल के पहले चार दिन में ही जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 16 सौ पार हो गई है। वहीं कोरोना से हो रही मौतों से भी लोगों में डर पैदा हो गया है। एक से 4 अप्रैल के बीच 8 लोगों को जान गंवानी पड़ी है। इस साल जिले में 4 अप्रैल को सर्वाधिक 490 नए मरीज मिले हैं। चालू साल का यह सबसे बड़ा आंकड़ा है।
बीते चार दिन के भीतर 1624 कोरोनाग्रस्त मिले हैं। वहीं 4 दिनों के भीतर रोजाना 2 लोगों की कोरोना ने जान भी ली है। 4 दिन के भीतर 1624 संक्रमितों में राजनांदगांव शहर से 704 और समूचे जिले में 920 शामिल हैं। बीते एक साल में 24 हजार 316 कोरोना पॉजिटिव मिले हैं, जिसमें 21 हजार 125 स्वस्थ हो गए। कुल एक्टिव मरीजों की संख्या 2967 है। वहीं जिले में एक साल के भीतर 224 की मौत हुई है। लगातार बढ़ रहे कोरोना की रोकथाम के लिए प्रशासनिक कोशिशें नाकाफी साबित हो रही है। जिले के सभी 9 ब्लॉक में धीरे-धीरे कोरोना की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है।
ग्रामीण क्षेत्र में डोंगरगढ़, डोंगरगांव और खैरागढ़ में भी कोरोना पैर पसार रहा है। सबसे कम मोहला-मानपुर इलाके में है। हालांकि डिस्चार्ज मरीजों की संख्या भी बेहतर है। वहीं कोरोना की रफ्तार कम होने के बाद बंद पड़े कोविड केयर सेंटरों में फिर से मरीजों को उपचारार्थ दाखिल किया जा रहा है। आरटीपीसीआर टेस्ट के तहत एक लाख 6 हजार 957 का टेस्ट किया गया है। इसी तरह रेपिड एंटीजन 2 लाख 29 हजार 449 का टेस्ट किया गया है। रोजाना कोरोनाग्रस्त मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है। प्रशासन की ओर से निजी संस्थाओं को भी तैयार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि देश में कोरोना की मौजूदा लहर बेहद ही खतरनाक है। हालात फिलहाल सामान्य होने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में बार-बार प्रशासन की ओर से लोगों को कोरोना से बचाव के तरीके बताए जा रहे हैं। हालांकि बेपरवाही अब भी लोगों में नजर आ रही है। यही कारण है कि कोरोना चौतरफा कहर बरपा रहा है।
नांदगांव में 4 बजे के बाद दिख रहा सन्नाटा
कोरोना पर लगाम कसने के लिए लगाए गए आंशिक लॉकडाउन के पहले दिन सडक़ों में सन्नाटा नजर आया। रविवार 4 अप्रैल से प्रशासन ने शाम 4 से सुबह 6 बजे तक लॉकडाउन लागू कर दिया है। जिसके चलते 4 बजने से पहले ही दुकानों के शटर गिर गए। वहीं शहरी इलाकों के कारोबार पूरी तरह से निर्धारित समय से पूर्व ही सिमट गया। प्रशासन ने अनिश्चितकालीन आंशिक लॉकडाउन लगाया है। बताया जा रहा है कि स्थिति नहीं सुधरने पर कलेक्टर पूर्णकालीन लॉकडाउन पर भी विचार कर रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि लॉकडाउन के जरिये कोरोना की बिगड़ती स्थिति को कुछ हद तक सम्हाला जा सकता है। कल पहले दिन शहर के अंदरूनी और बाहरी इलाकों में लॉकडाउन के चलते रास्ते और गलियां सूनी रही।


