राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 16 जनवरी। युगांतर पब्लिक स्कूल में विवेकानंद जयंती हर्षोल्लास से मनाई गई। विद्यालय के प्राचार्य मधुसूदन नायर तथा शिक्षकों ने विवेकानंद के तैल्य चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन किया।
विवेकानंद जी के पद चिन्हों में चलने का संकल्प लिया। विद्यालय के प्राचार्य ने बधाई संदेश के माध्यम से कहा है कि विवेकानंद की वक्तव्य शैली से सारा विश्व प्रभावित हुआ था। उन्होंने अमेरिका के शिकागो के विश्व स्तरीय धर्म सम्मेलन में जो वक्तव्य दिया था, वह भारत के लिए प्रभावकारी था। उन्होंने विद्यार्थियों से यह आव्हान किया कि वे विवेकानंद की वक्तव्य शैली अपनाकर भारत का नाम विश्व पटल पर पुन: गौरवान्वित करे। भारत को ऐसे महान व्यक्तित्व की पुन: आवश्यकता है।
विवेकानंद जी के उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रूको मत, खुद को कमज़ोर मत समझो, एक समय में एक काम करो और दिल की सुनो जैसे प्रेरणादायक संदेश है, जो आत्म विश्वास, दृढ़ संकल्प और सेवा भावना से जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। ये संदेश आज भी प्रासंगिक है। खुद को निर्बल मानना सबसे बड़ा पाप है। यह कथन उन बच्चों के लिए बड़ी सीख है, जो अपने को कमजोर समझते हैं। जिस दिन आपके सामने कोई समस्या न आए तो आप समझ लीजिए कि आप गलत रास्ते पर चल रहे हैं, जितना बड़ा संघर्ष होगा, जीत उतनी ही शानदार होगी, धन का मूल्य तभी है जब वह दूसरों के भलाई के काम आए वर्ना वह बुराई का ढेर है जैसे कथन भी काफी प्रेरक है।


