राजनांदगांव

सत्संग आत्मा को जागृत करने का साधन है- कुलबीर
15-Jan-2026 11:01 PM
सत्संग आत्मा को जागृत करने का साधन है- कुलबीर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 15 जनवरी।
कर्ता करे न कर सके, गुरू करे सो होय, सात द्विप, नौ खंड में गुरू से बड़ा न कोय उक्त उदगार संत समागम में अमृत श्रवण करने पहुंचे पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने कबीर संत समागम में कही। सदगुरू कबीर साहेब व धर्मदास वंशावली मिशन के प्रवर्तक पंथ श्री हुजुर नवोदित उदित मुनि साहेब के आशीर्वाद से मोहड़ वार्ड नं. 49 में तीन दिवसीय संगीतमय कबीर पंथ समागम समारोह आयोजन किया गया जिसमें कबीर सत्संग, प्रवचन एवं सात्विक चौकी आरती का महाआयोजन महंत तुलसीदास साहेब व संत मंडली के सानिध्य में संपन्न हुआ।

श्री छाबड़ा ने साहेब जी से आशीर्वाद लेते हुए कहा कि आज का यह पावन अवसर हम सबके लिए सौभाग्य का विषय है, जब हम संत शिरोमणि कबीर साहेब की अमर वाणी और उनके मानवतावादी संदेशों को महंत तुलसीदास साहेब जी के सान्निध्य में सुनने का मौका मिला। कबीर साहेब ने अपने दोहों के माध्यम से समाज को आडंबर, भेदभाव और अहंकार से मुक्त होकर सत्य, प्रेम और समानता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।

आज के समय में, जब समाज अनेक चुनौतियों से जूझ रहा है, कबीर साहेब का प्रेम, सद्भाव और सत्य का संदेश और भी अधिक प्रासंगिक हो जाता है। यह सत्संग केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मा को जाग्रत करने का माध्यम है। इसी मंगलकामना के साथ, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूँ कि कबीर साहेब की वाणी को अपने जीवन में उतारते हुए मानवता, करुणा और प्रेम के पथ पर अग्रसर हों। संत समागम में प्रमुख रूप से कन्हैयालाल साहू, पूर्व पार्षद मनीष साहू, महेश साहू, स्वतंत्रदास साहू, उत्तम साहू, गोविंद साहू, शौर्य वैष्णव सहित बड़ी संख्या में कबीरपंथ समाजिकजन उपस्थित थे।

 


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