राजनांदगांव

खरीफ फसल के लिए नांदगांव में किसानों को मिलेंगे साढ़े 6 अरब का कर्ज
03-Apr-2021 4:39 PM
खरीफ फसल के लिए नांदगांव में किसानों को मिलेंगे साढ़े 6 अरब का कर्ज

बीते साल की तुलना में 10 फीसदी अतिरिक्त कर्ज

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 3 अप्रैल।
जिले में खरीफ की फसल के लिए राज्य सरकार ने किसानों के लिए कर्ज जारी कर दिया है। कर्ज लेकर किसान बरसों से परंपरागत खेती करते रहे हैं। हर साल खरीफ की फसल के लिए सरकार अरबों रुपए किसानों को बतौर कर्ज मुहैया कराती है। सरकार से मिले कर्ज के बदौलत किसान आसानी से अपनी उपज ले पाते हैं। जिले में इस बार साढ़े 6 अरब रुपए का कर्ज बांटने के लिए राज्य सरकार ने राशि जारी कर दी है। सहकारी बैंक सीईओ  सुनील वर्मा ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि कर्ज की राशि प्राप्त हो चुकी है। जल्द ही किसानों को इसका लाभ मिलेगा। 

बताया जा रहा है कि बीते साल की तुलना में सरकार ने 10 फीसदी अधिक कर्ज की राशि जारी की है। कर्जमाफी और बिना ब्याज ऋण मिलने के चलते खेती के प्रति किसानों का झुकाव बढ़ा है। बताया जा रहा है कि जिले में खेती करने वाले किसानों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई है। 
बताया जा रहा है कि राजनांदगांव और कबीरधाम जिले के लिए अलग-अलग राशि को मिलाकर 633 करोड़ रुपए का कर्ज किसानों में वितरित होगा। बताया जा रहा है कि किसानों को सोसायटियों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। बीते वर्ष किसानों को दिए गए कर्ज में से 90 फीसदी की वसूली भी हो चुकी है। धान खरीदी के दौरान किसानों से ऋण की वसूली की गई है। 

मिली जानकारी के अनुसार जिले में इस वर्ष खरीफ सीजन के लिए 633 करोड़ 70 लाख कर्ज वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें नगद व वस्तुएं दोनों शामिल है। गत् वर्ष 550 करोड़ कर्ज वितरण का टारगेट मिला था। उक्त लक्ष्य के विरूद्ध 575 करोड़ का कर्ज बंटा था। गत् वर्ष की तुलना में इस वर्ष कर्ज वितरण में 10 फीसदी की वृद्धि की गई है। गत वर्ष जिले में पंजीकृत किसानों की संख्या एक लाख 96 हजार थी। किसानों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। साथ ही धान का रकबा भी बढ़ा है। ज्यादा कर्ज वितरण के पीछे कई कारण गिनाए जा रहे हैं। अव्वत तो यह कि जीरो प्रतिशत ब्याज के साथ ही समर्थन मूल्य भी बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ सरकार पिछले दो वर्षों से धान का समर्थन मूल्य 2500 रुपए दे रही है। पिछले वर्ष के अंतर की पूरी राशि भी बंट चुकी है। इनके अलावा किसान सम्मान निधि बीमा सहित कई सरकारी सौगातें भी मिलती है। इन सबके चलते किसानों का रूझान खेती की ओर बढ़ा है।
 


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