राजनांदगांव
महापौर हेमा देशमुख ने प्रभारी मंत्री से की थी हस्तक्षेप की मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 18 मार्च। राजनंादगांव में प्रदेश सरकार का इकलौते सरकारी प्रेस को अन्यत्र स्थानांतरित किए जाने की अटकलों पर विराम लग गया है। लंबे समय से इस प्रेस को राजधानी रायपुर में शिफ्ट किए जाने के मामले ने सरकार की नियत को कटघरे में खड़ा कर दिया था। आखिरकार महापौर हेमा देशमुख की कोशिश से अब सरकार ने प्रेस को राजनंादगांव में ही यथावत रखने संबंधी आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश से प्रेस में कार्यरत कर्मचारियों में भी खुशी की लहर है। स्थानांतरण होने की स्थिति में सबसे ज्यादा कर्मचारियों को ही दिक्कतें होती। पशोपेश में होने के कारण कर्मचारियों को मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ रहा था।
बताया जा रहा है कि प्रभारी मंत्री मो. अकबर से मिलकर महापौर हेमा देशमुख ने इस मामले में हस्तक्षेप करने की गुजारिश की थी। प्रभारी मंत्री ने प्रेस को यथावत राजनांदगांव से ही संचालित करने का भरोसा दिया था। सरकार ने प्रभारी मंत्री के दखल के बाद इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। उधर लंबे समय बाद जीर्णोद्वार के लिए सरकारी प्रेस प्रबंधन को 9 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई है। अविभाजित मध्यप्रदेश में राजनांदगांव को सरकारी प्रेस की सौगात मिली थी, जिसके चलते शासकीय दस्तावेज समेत अन्य गोपनीय पत्रों का प्रकाशन इसी प्रेस में होता था।
राज्य गठन के बाद सरकार का प्रकाशन संबंधी पूरा भार इस प्रेस पर बढ़ा, लेकिन मशीनरी व्यवस्था को तकनीकी रूप से लैस करने की दिशा में प्रयास नहीं हुए। वहीं प्रेस की बिल्डिंग भी जीर्ण-शीर्ण स्थिति में पहुंच गई है। बताया जा रहा है कि प्रबंधन ने महापौर के समक्ष जीर्णोद्वार के लिए राशि दिलाने के लिए एक प्रस्ताव रखा था। 1990 में राजनांदगांव में शासकीय प्रेस की स्थापना की गई है। प्रदेश सरकार के तमाम दस्तावेज और सरकारी कागजात की प्रिंटिंग यहीं होती है।
छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद से प्रेस पर कार्य का बोझ भी बढ़ा है। अविभाजित मध्यप्रदेश में ग्वालियर के बाद राजनांदगांव में सरकार ने शासकीय प्रेस की नींव रखी थी। कांग्रेस के दिवंगत नेता स्व. मोतीलाल वोरा ने इस प्रेस का शुभारंभ किया था। यहां बता दें कि सरकारी मुद्रणालय महापौर हेमा देशमुख के वार्ड में ही संचालित है। लिहाजा उन्होंने प्रेस को नांदगांव में संचालित होने के लिए जिलेभर के विधायकों के साथ मिलकर एक हस्ताक्षर अभियान चलाकर प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपा था।
इस संबंध में महापौर श्रीमती देशमुख ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि सरकारी मुद्रणालय राजनंादगांव की धरोहर है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और प्रभारी मंत्री मो. अकबर ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए स्थानीय जनता की भावनाओं को दृष्टिगत रखकर प्रेस को यथावत रखने का निर्णय किया है। सरकारी प्रेस को नहीं हटाने के निर्णय से कर्मियों और जनता को लाभ होगा।
महापौर से मिलकर कर्मियों ने जताया आभार
शासकीय मुद्रणालय में कार्यरत कर्मचारियों ने महापौर श्रीमती देशमुख से मिलकर आभार जताते हुए सरकार के निर्णय का स्वागत किया है। छग प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रांतीय संरक्षक पीआर यादव, प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार झा, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, जिला शाखा अध्यक्ष अरूण देवांगन के मार्गदर्शन तथा जिला उपाध्यक्ष व विभागीय उप समिति के जिला संयोजक आनंद कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में मुद्रणालय के समस्त कर्मचारियों ने महापौर हेमा देशमुख का पुष्प गुच्छ स्वागत कर उनके द्वारा किए गए प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया। वहीं कर्मियों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।


