राजनांदगांव

नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष का विरोध, महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध है-मधुसूदन
18-Apr-2026 5:50 PM
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विपक्ष का विरोध, महिलाओं को मिलने वाले अधिकारों का विरोध है-मधुसूदन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 18 अप्रैल।
महापौर एवं पूर्व सांसद मधुसूदन यादव ने दावा किया है कि देश के संसदीय इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण विधेयकों में से एक नारी शक्ति वंदन अधिनियम विधेयक, देश की आधी आबादी की महिलाओं के लिए एक क्रांतिकारी, युगांतरकारी और व्यापक परिवर्तनकारी साबित होने जा रहा है, जो महिलाओं के आत्मसम्मान और उनके आत्मविश्वास में आशातीत वृद्धि करने जा रहा है तथा भाजपा के ढृढ़ इच्छाशक्ति और नारी शक्ति के प्रति संवेदनशील विचार का परिणाम है।
श्री यादव ने कहा कि कल लोकसभा में प्रस्तुत नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर हुई चर्चा के दौरान देश ने एक बार फिर यह देखा कि कौन वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ खड़ा है और कौन केवल राजनीतिक कारणों से इसका विरोध कर रहा है। विरोध करने वाले लोग उसी दल के है, जिन्होंने 70 साल से देश मे शासन किया और कभी भी महिलाओं के लिए आरक्षण की वास्तविक पहल नहीं, किन्तु आज जब भाजपा के अदम्य इच्छाशक्ति के कारण यह बिल सदन में प्रस्तुत हुआ तो तमाम प्रकार के आरोप लगाकर विपक्षी नेता बिल के विरोध में खड़े रहे ।

सही मायने में ये महिला विधेयक के विरोध में नहीं, बल्कि महिलाओं को मिल रहे अधिकारों के विरोध में थे, इसीलिए जब विधेयक पर कल वोटिंग होगी तो विधेयक के पक्ष में समर्थन करने वाले सांसदों को और विरोध करने वाले विपक्षी सांसदों को याद रखना भी आवश्यक होगा, क्योंकि यदि बिना किसी विरोध के 100 प्रतिशत  समर्थन से यह बिल पारित नहीं होता है तो इस विधेयक का विरोध करने वाले सांसदों एवं राजनैतिक पार्टियों का महिला विरोधी चरित्र देश के सामने उजागर होगा।
श्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यह ऐतिहासिक विधेयक महिलाओं को विधायिका में समुचित प्रतिनिधित्व देने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम तो है ही, किन्तु जिस तरह से प्रधानमंत्री ने विपक्ष से कहा कि इस विधेयक को पारित करने के श्रेय लेने ब्लेंक चेक लेकर अपनी फोटो समेत विज्ञापन छपवा लेना, किन्तु विधेयक को पारित करने में सहयोग करना, यह सद्भावना प्रधानमंत्री की महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता और सोच को दर्शाती है। इसी तरह बिल का समर्थन करते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट कहा कि यह बिल महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी देने का माध्यम बनेगा और देश के लोकतंत्र को और मजबूत करेगा।


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