राजनांदगांव
डॉ. महेन्द्र प्रसाद को मिला प्रभार
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 7 फरवरी। जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी को कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने एक प्रसूति के मामले में उनके अधीनस्थ चिकित्सकों द्वारा लापरवाही बरतने के चलते हटा दिया है। कलेक्टर के इस कार्रवाई से अस्पताल में कार्यरत स्टॉफ नर्सों से लेकर अन्य कर्मियों में हडक़ंप मच गया है। कलेक्टर श्री यादव ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि अस्पताल की व्यवस्था को दुरूस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। किसी भी सूरत में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्यगत विषयों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
हालांकि सिविल सर्जन को हटाए जाने का अंदरूनी तौर पर विरोध भी हो रहा है, लेकिन कलेक्टर के निर्देश पर हुई कार्रवाई के चलते कोई भी खुलकर आवाज नहीं उठा रहा है। दरअसल 01 फरवरी को शहर की 27 वर्षीय करूणा बांसफोड को प्रसूति के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। रविवार होने की वजह से चिकित्सक मौजूद नहीं थे, लेकिन स्टॉफ नर्सों ने अपने अनुभव के आधार पर उक्त महिला की सामान्य डिलीवरी कराई।
प्रसूति के बाद महिला की स्थिति की बिगड़ती चली गई। उसे राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई। इस मामले को लेकर बवाल खड़ा हो गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में देरी होने के कारण महिला की मौत हुई है। इस घटना के बाद कलेक्टर ने मामले की शुरूआती छानबीन के बाद सिविल सर्जन डॉ. यूएस चंद्रवंशी को पद से हटा दिया। चंद्रवंशी पर प्रशासनिक कसावट लाने में सुस्ती दिखाने का आरोप है। कलेक्टर ने प्रसूति की मौत के लिए अस्पताल प्रबंधन के प्रमुख होने के नाते चंद्रवंशी को हटा दिया। इधर डॉ. महेन्द्र प्रसाद को कलेक्टर ने सिविल सर्जन का प्रभार सौंपा है। प्रसाद ने हाल ही में वेल्लूर से मेडिसिन में पोस्ट ग्रेजुएशन की उपाधि हासिल की है। वह 13 साल तक बस्तर के अलग-अलग हिस्सों में पदस्थ रहे। 2023 में वह राजनांदगांव में पदस्थ हुए हैं।
नए सिविल सर्जन ने कहा स्वास्थ्यगत सुविधाओं को सशक्त बनाना पहली प्राथमिकता
जिला चिकित्सालय के नए सिविल सर्जन डॉ. महेन्द्र प्रसाद ने कहा कि स्वास्थ्यगत सुविधाओं को सुविधाजनक बनाना और सशक्त रूप में क्रियान्वित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। डॉ. प्रसाद को चिकित्सकीय कार्य का लंबा अनुभव है। बस्तर में उन्होंने 13 साल तक अलग-अलग क्षेत्रों में सेवाएं दी। राजनंादगांव में वह 2023 में पदस्थ हुए हैं। ‘छत्तीसगढ़’ से संक्षिप्त चर्चा में डॉ. प्रसाद ने कहा कि प्रशासनिक कसावट के साथ-साथ मरीजों की देखभाल और उपचार के लिए पूरा जोर लगाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रभार ग्रहण कर अंदरूनी व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे। इस बीच डॉ. प्रसाद को उनके बेहतर अनुभव के आधार पर प्रशासन ने विश्वास जताया है। उम्मीद की जा रही है कि वह जिला चिकित्सालय की चिकित्सकीय व्यवस्था को पुख्ता बनाने में विशेष ध्यान देंगे।


