राजनांदगांव
नगदी रकम और अन्य सामान जब्त
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 17 जनवरी। फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपए आहरण करने वाले आरोपियों को सोमनी पुलिस ने गिरफ्तार किया। आरोपी से पुलिस ने लाखों रुपए एवं घटना में प्रयुक्त लैपटॉप, मोबाइल और पेन ड्राईव जब्त किया।
मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी कंपनी प्रबंधक न्यू लुक बायो फ्यूल्स प्राइवेट लिमिटेड ग्राम फुलझर राजनांदगांव द्वारा थाना सोमनी में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उक्त कंपनी में इथेनाल के उत्पादन के लिए अलग-अलग चावल मिल मालिकों और व्यापारियों से टूटे और खराब चावल जैस कच्चे माल की खरीद करती है। यह प्रकिया मुख्य रूप से दलालों के माध्यम से की जाती है।
कंपनी ने कच्चे माल की खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ के दुर्ग में रहने वाले दिलीप गोलछा नामक एक ब्रोकर को नियुक्त किया है। दिलीप गोलछा विभिन्न माध्यमों से माल की आपूर्ति करवा रहा था, लेकिन दिसंबर 2025 के अंत में कंपनी प्रबंधन को पता चला कि दिलीप गोलछा अपने सहयोगियों के साथ मिलकर कंपनी के कुछ कर्मचारियों की मदद से फर्जी बिल बना रहा है। इसी उद्देश्य से उसने अपने दुर्ग एवं धमतरी में जय महावीर एग्रो नाम से फर्म स्थापित किया है।
न्यू लुक बायो फ्यूल्स प्रायवेट लिमिटेड छग ग्राम फुलझर का अकाउंटेंट अमित कुमार गुप्ता द्वारा दिलीप गोलछा को उनके विभिन्न पंजीकृत फर्मों के नाम से मूल बिल के अतिरिक्त मूल बिल का दोबारा फर्जी बिल बनाकर लाखों रुपए का आहरण कर धोखाधड़ी किया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर धारा 318(4), 316(4), 3(5) बीएनएस का दर्ज कर विवेचना में लिया गया।
थाना प्रभारी सोमनी निरीक्षक अरूण कुमार नामदेव के नेतृत्व में थाना सेमनी पुलिस की टीम गठित कर आरोपी अमित कुमार गुप्ता 34 साल निवासी गोगांव गोकुल टॉवर फ्लेट नं. 503 थाना गुडिय़ारी जिला रायपुर और दिलीप गोलछा 49 साल निवासी मकान नं. बी-102 अरिहंत हाईट खंडेलवाल कालोनी दुर्ग को हिरासत में लेकर पूछताछ किया गया, जो एक-दूसरे के सहयोग से अलग-अलग फर्मो के नाम से फर्जी बिल तैयार कर पिछले डेढ़ से दो माह के दरम्यान 28 से 30 लाख की राशि धोखाधड़ी करना बताए। आरोपी के निशादेही में 3 लाख 20 हजार रुपए नगद एवं घटना में प्रयुक्त 01 लैपटॉप, 2 नग मोबाइल व 01 पेन ड्राईव को जब्त किया गया। मामले में धारा 338, 336(3), 340(2) बीएनएस जोड़ी गई है। आरोपियों का कृत्य अपराध धारा सदर का पाए जाने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल दाखिल किया गया है।


