राजनांदगांव
मामला दबाने का आरोप
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 15 जनवरी। मोहला- मानपुर जिले के केंद्रीय एकलव्य आवासीय स्कूल की एक और छात्रा ने खुदकुशी की कोशिश की है। बुधवार को 11वीं कक्षा की अध्ययनरत एक आदिवासी छात्रा ने फिनाइल पीकर जान देने की कोशिश की। एकलव्य स्कूल में किसी छात्रा द्वारा जान देने की असफल प्रयास का दूसरा मामला है, वहीं शाला में अन्य बालक-बालिकाओं ने हास्टल वार्डन व शिक्षकों पर मारपीट करने का आरोप भी लगाया है।
मिली जानकारी के अनुसार बुधवार शाम को करीब 5 बजे कक्षा 11वीं की छात्रा द्वारा आत्महत्या कर जान देने की कोशिश का मामला सामने आने के बाद परिसर में सनसनी फैल गई। छात्रा को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अंबागढ़ चौकी अस्पताल लाया गया। प्राथमिक जांच के बाद छात्रा को राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज रिफर किया गया। बताया गया है कि छात्रा की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर हैं।
यह हादसा ऐसे वक्त में हुआ, जब बीते गुरुवार को एक और छात्रा के खुद की जान लेने की नीयत से फिनाइल पीकर खुदकुशी का असफल प्रयास करने की घटना की जांच कर प्रशासनिक टीम दो दिन पहले लौटी थी। इस तरह एक सप्ताह के अंदर हुए दो घटना ने हास्टल व स्कूल के भीतर की व्यवस्था की पोल खोल दी।
इस संबंध में मोहला एसडीएम हेमेंन्द्र भूआर्य ने 'छत्तीसगढ़Ó से चर्चा में कहा कि छात्रा की हालत खतरे से बाहर है। मामले की जांच चल रही हैं।
उधर दो छात्राओं की जान देने की कोशिश की घटना को लेकर सहायक आयुक्त संजय कुरेॅ पर मामले को दबाने का आरोप लगा हैं। उन पर अपने मातहत अफसरों पर कार्रवाई करने के बजाय ढील देने का आरोप लगा हैं।
गौरतलब है कि एकलव्य परिसर में कुछ और छात्रों ने शिक्षकों पर क्रिकेट स्टंप्स के टूटने तक बेदम पिटाई करने व मानसिक रूप से प्रताडऩा देने का आरोप लगाया हैं। पिछले कुछ दिनों से एकलव्य स्कूल अलग - अलग कारणों से सुर्खियां बटोर रहा है।


