राजनांदगांव

दुर्ग में सीवरेज सुधार के लिए सवा सौ करोड़ से बनेगा एसटीपी
09-Jan-2026 7:34 PM
दुर्ग में सीवरेज सुधार के लिए सवा सौ करोड़ से बनेगा एसटीपी

हाउसिंग बोर्ड के अलावा शहर में नहीं है अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
दुर्ग, 9 जनवरी।
निगम क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही सीवरेज और नालों के गंदे पानी की समस्या को लेकर अब बड़ा और निर्णायक कदम उठाया गया है। नगर निगम सीमा अंतर्गत वर्तमान में हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र को छोडक़र शहर के किसी भी वार्ड में अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम उपलब्ध नहीं है। जिसके कारण नालों का गंदा पानी सीधे शिवनाथ नदी में मिल रहा है और इससे पर्यावरण  पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

शासन की बड़ी सौगात पहले चरण में 129.50 करोड़ की स्वीकृति शहर की इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए प्रथम चरण में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एस.टी.पी.) के निर्माण हेतु 129.50 करोड़ रुपये की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना का उद्देश्य नालों से निकलने वाले गंदे पानी को वैज्ञानिक तरीके से शुद्ध कर उसे सुरक्षित रूप से निस्तारित करना है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम के निर्माण से पूर्व एस.टी.पी. का निर्माण अनिवार्य है। बिना एस.टी.पी. के सीवरेज नेटवर्क का कोई औचित्य नहीं रहेगा, क्योंकि गंदे पानी के शोधन की समुचित व्यवस्था आवश्यक है। इसी कारण शासन ने पहले एस.टी.पी. निर्माण को प्राथमिकता दी है।

बघेरा क्षेत्र में सीवरेज सुधार की तैयारी, के साथ सर्वे कार्य जारी है। वर्तमान में सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए बघेरा क्षेत्र का सर्वे प्रोजेक्ट फाइल के रूप में किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट और तकनीकी परीक्षण पूर्ण होने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही बघेरा क्षेत्र में सीवरेज सुधार एवं निर्माण कार्य प्रारंभ किया जाएगा। यह क्षेत्र पायलट प्रोजेक्ट के रूप में विकसित किया जा सकता है।
निगम सूत्रों के अनुसार एस.टी.पी. निर्माण पूर्ण होने के पश्चात शहर के अन्य क्षेत्रों में भी अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम के लिए चरणबद्ध प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इससे नालियों में बहने वाले गंदे पानी, जलभराव, बदबू और बीमारियों की समस्या से स्थायी राहत मिलेगी।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से शहर की स्वच्छता व्यवस्था सुदृढ़ होगी, भू-जल प्रदूषण में कमी आएगी और नागरिकों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलेगा। शासन और नगर निगम की यह पहल दुर्ग को आधुनिक शहरी सुविधाओं से जोडऩे की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
 


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