राजनांदगांव
नलों से गंदा पानी आने को लेकर निगम की नींद अभी-अभी टूटी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 जनवरी। नगर निगम की लापरवाही के चलते राजनांदगांव की जनता को गंदा और कीड़े युक्त पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गंभीर समस्या पर आंख मूंदे बैठे हैं। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले ने आरोप लगाया है कि नलों से दूषित पानी की शिकायतों के बावजूद निगम प्रशासन की नींद देर से टूटी और अब भी हालात को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
श्री पिल्ले ने कहा कि जब वार्डों से लगातार गंदे पानी की शिकायतें सामने आईं, तब भी न तो महापौर और न ही निगम आयुक्त ने मौके पर जाकर निरीक्षण करना उचित समझा। मजबूरन उन्हें स्वयं निगम की टीम के साथ प्रभावित इलाकों में जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पूर्व स्वयं नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले के साथ वार्ड पार्षद संगीता युधिष्ठिर देवांगन ने नलों से कीड़े युक्त और बदबूदार पानी आने की शिकायत निगम आयुक्त से की थी, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन ने इस मामले में गंभीर लापरवाही बरती। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो जनता को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
उन्होंने इस पूरे मामले में क्षेत्रीय विधायक एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अपने ही विधानसभा क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में डॉ. रमन सिंह की गंभीर उदासीनता सामने आ रही है। ऐसा प्रतीत होता है कि वे इंदौर और गांधीनगर जैसी भयावह जल आपूर्ति घटनाओं को राजनांदगांव में दोहराना चाहते हैं, तभी उन्होंने महापौर, निगम आयुक्त और अपने पार्षदों को समय रहते सजग नहीं किया। उन्होंने तीखा हमला बोलते कहा कि ऐसा लगता है कि डॉ. रमन सिंह के एजेंडे में जनता की बुनियादी समस्याएं नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की गई और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस और नगर निगम में विपक्ष जनता के साथ मिलकर आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेगा।


