राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 30 अक्टूबर। डोंगरगढ़ विधानसभा के घुमका क्षेत्र के बरबसपुर के रहने वाले दो परिवार ने प्रशासन से सामूहिक इच्छा मृत्यु के लिए लिखित तौर पर अनुमति मांगी है। परिवार का आरोप है कि पंचायत चुनाव की दुश्मनी भांजने के लिए मौजूदा सरपंच और उपसरपंच अन्य पंचगण दोनों परिवार को सुकुन से रहने नहीं दे रहे हैं।
शासकीय जमीन में सालों से पीडि़त परिवार के बने हुए मकान को अतिक्रमण करने का आरोप लगाकर परिवार को तबाह करने की कोशिश की जा रही है। इसको लेकर परिवार ने पहले भी प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई थी। उनकी परेशानियों का हल नहीं ढूंढने के कारण आज दोनों परिवार ने प्रशासन से इच्छा मृत्यु के लिए आवेदन दिया। इस संबंध में एएसपी राहुल देव शर्मा ने ‘छत्तीसगढ़’ से कहा कि पीडि़तों की शिकायत प्रशासन तक पहुंची है। एडीएम इस मामले का हल ढूंढने के लिए पीडि़तों के साथ चर्चा कर रहे हैं। उचित तरीके से समस्या का समाधान करने पुलिस और प्रशासन जुटा हुआ है।
मिली जानकारी के मुताबिक बरबसपुर के रहने वाले चंद्रेश वर्मा (45 वर्ष) और प्रेमू वर्मा (39 वर्ष) ने प्रशासन से इच्छा मत्यु के लिए आवेदन दिया है। आवेदन में दोनों पीडि़तों ने सरपंच शशिकला बंजारे, उपसरपंच बैनलाल वर्मा तथा पंचगण पुराणलाल वर्मा, संदीप वर्मा, सोहन साहू व न्यास समिति के सदस्य राजा वर्मा पर इस साल फरवरी में हुए पंचायत चुनाव में वोट नहीं डालने व सहयोग नहीं करने का आरोप लगाकर प्रताडि़त करने के उद्देश्य से उनके मकान को तोडऩे के लिए अतिक्रमण करने का आरोप लगा रहे हैं। जबकि स्वयं बरबसपुर सरपंच द्वारा खसरा नं. 307 में लगभग 2 एकड़ सरकारी जमीन में अतिक्रमण किया गया है।
पीडि़तों ने आरोप लगाया कि उपसरपंच द्वारा खसरा नंबर 708/1 में शासकीय व ग्राम पंचायत द्वारा सीसी रोड में अतिक्रमण किया गया है। पीडि़तों का आरोप है कि पंचों के अलावा गांव के ज्यादातर लोगों ने शासकीय भूमि में अतिक्रमण कर मकान बनाया है, उन्हें (पीडि़तों) को जानबूझकर परेशान करने के उद्देश्य से मकान तोडऩे का प्रयास किया जा रहा है। इससे तंग आकर चंद्रेश वर्मा और प्रेमू वर्मा ने परिवार समेत प्रशासन से इच्छा मृत्यु की मांग की है। इधर पीडि़तों की इच्छा मृत्यु की मांग के बाद पुलिस प्रशासन ने उन्हें समझाईश दी है। पीडि़तों से पुलिस जवानों ने चर्चा की। उसके बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा है।


