राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 10 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ साहित्य समिति द्वारा शरद पूर्णिमा अवसर पर विश्व के आदि कवि महर्षि बाल्मीकि को याद करने साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के पुराना विश्राम गृह में आयोजित साहित्यक आयोजन में वरिष्ठ चिंतक अशोक चौधरी, समाजसेवी शारदा तिवारी, साहित्यकार प्रभात तिवारी, डॉ. शंकर मुनि राय, राकेश इंदूभूषण ठाकुर आदि शामिल थे।
इस दौरान श्री चौधरी ने बताया कि शिशु अवस्था में कैसे एक भीलनी ने बाल्मीकि को उठाकर ले गई और उसे रत्नाकर नाम का डाकू बना दिया, जिसे नारद ने ज्ञान देकर रामायण का रचयिता महर्षि बाल्मीकि बना दिया। वरिष्ठ साहित्यकार कुबेर साहू ने इसे श्रद्धा व आस्था का विषय बताया और कहा कि ईसा के आसपास के कालखंड में संस्कृत के व्याकरणाचार्य पाणिनी हुए हैं। वरिष्ठ कवि साहित्यकार आत्माराम कोशा ने 4 वेद व पंचम वेद महाभारत सहित अन्यान्य ग्रंथो की रचना करने वाले महर्षि वेद व्यास को एक पदवी बताया। इस दौरान प्रभात तिवारी, मानसिंह मौलिक, राकेश इंदूभूषण ठाकुर, डॉ. शंकर मुनि राय ने अपने-अपने विचार रखे। उक्ताशय की जानकारी सचिव मानसिंह मौलिक ने दी।


