राजनांदगांव
पदोन्नति में आरक्षण लागू करने की रखी मांग
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 6 सितंबर। पदोन्नति में आरक्षण एवं अन्य 10 संवैधानिक मुद्दों का राज्य सरकार द्वारा त्वरित अनुसूचित जाति, जनजाति समाज के हित में निर्णय लेने सामाजिक एवं अधिकारी-कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शुक्रवार को विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह से पदोन्नति में आरक्षण मामले में अनुच्छेद 16(4) सहपठित अनुच्छेद 335 एवं सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम राहत के परिपालन में निर्णय लेने उनके कार्यालय रायपुर में मुलाकात कर बात रखी।
प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के हितों से संबंधित प्रावधानों का क्रियान्वयन करने में राज्य सरकार द्वारा लेटलतीफी की जा रही है। विगत डेढ़ वर्ष से हम शासन एवं प्रशासन से बातचीत कर रहे हैं। 11 जून को इसी के संबंध में 40 से 50 हजार अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के सामाजिक एवं कर्मचारी संगठन शामिल हुए। यदि राज्य की सरकार संविधान का सम्मान करती है तो अनुच्छेद 16(4) एवं 335 का अविलंब परिपालन करें। राज्य की भाजपा सरकार आरक्षण को रोककर रखी है। यदि राज्य सरकार संविधान को मानती है और अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के संवैधानिक अधिकार के प्रति संवेदनशील है तो अविलंब बीजेपी सरकार पदोन्नति में आरक्षण बहाल करवाए। राजनांदगांव सहित राज्यभर के अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लोगों में छत्तीसगढ़ सरकार के कार्यशैली से नाराज चल रहे हंै। नाराजगी के चलते कभी भी समाज, कर्मचारी संगठन मिलकर उग्र आदोलन कर सकते हैं। लगातार सरकार से समाज व कर्मचारियों द्वारा छत्तीसगढ़ के तमाम मंत्री, अधिकारी के समक्ष अपनी बातों को रखते आ रहे हैं। इसी बातों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष रखी गई। प्रतिनिधित मंडल का नेतृत्व डॉ. रेखा मेश्राम ने किया। प्रतिनिधि मंडल में विनोद कुमार कोशले, लेखराम मात्रा, देवलाल भारती, अश्वनी बंजारा, प्रह्लाद ठाकुर, ईश्वर चन्द्रवशी शामिल थे।


