राजनांदगांव

मिडिल स्कूल में जून से पढ़ाई बाधित, तालाबंदी कर पालकों ने किया प्रदर्शन
15-Jan-2026 9:10 PM
मिडिल स्कूल में जून से पढ़ाई बाधित, तालाबंदी कर पालकों ने किया प्रदर्शन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

राजनांदगांव, 15 जनवरी। मोहला -मोहला विकासखंड के ग्राम मचांन्दूर पूर्व माध्यमिक शाला में पदस्थ महिला शिक्षिका के छात्र-छात्राओं को पढ़ाने में दिलचस्पी नहीं दिखाने के कारण विगत जून माह से शाला का पढ़ाई बाधित है, 17 जून को युक्तियुक्ति करण के तहत ज्वाइनिंग देने के बाद शिक्षिका आशा धृतलहरें जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के संरक्षण में तीन-तीन महीने के लिए मेडिकल लीव में अनफिट हो जाती है और एक दिन जॉइनिंग के लिए फिट हो जाती है। स्कूल के इस गतिविधि से त्रस्त होकर आज लामबंद होते हुए मचान्दूर के पालक,महिला पुरुष, युवा ग्रामीणों ने स्कूल में तालाबंदी कर सामने बैठ गए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार मचान्दूर मिडिल स्कूल में पदस्थ यूडिटी आशा धृतलहरें के संबंध मे बताया गया कि 3 जून 2025 को युक्तिकरण के तहत शिक्षिका का पद स्थापना अंबागढ़ चौकी सोमसाय टोला स्कूल से मोहला मचान्दूर के लिए हुआ 16 जून को जॉइनिंग करने के बाद शिक्षिका के द्वारा बच्चों को पढ़ाने के बजाय 3 महीने का मेडिकल अवकाश ले लिया गया विगत जून महीना से उक्त शिक्षिका के द्वारा तीन माह तक मेडिकल लीव में अनफिट बताया जाता है और जॉइनिंग के 1 दिन के लिए फिट हो जाती है शिक्षा विभाग के संरक्षण में चल रहे फिट और अनफिट का क्रम निरंतर चलाते आ रहा है जिसके चलते माचान्दुर पूर्व माध्यमिक शाला में अध्यनरत  छात्र-छात्राओं कि पढ़ाई बाधित हो गई है।

पेट काट के ग्रामीण दे रहे महंताना-शिक्षा विभाग के संरक्षण में शिक्षिका के मेडिकल लीव में फिट अनफिट के खेल के बीच पालक और ग्रामीण प्रत्येक घर से 100 रूपये आपस में चंदा करके गांव के एक  शिक्षित बेरोजगार युवा से स्कूल में अपने बच्चों को पढ़ा रहे हैं।

1 दिन के लिए हो जाती है फिट-दस्तावेजों के मुताबिक स्कूल में पदस्थ शिक्षिका आशा धृतलहरें विगत 1 अक्टूबर 2025 से 13 जनवरी 2026 तक मेडिकल छुट्टी पर थी जॉइनिंग के लिए उन्होंने एक दिन के लिए अपने आप को फिट बताते हुए विभाग के आदेश पर जॉइनिंग दी और पुन: 14 जनवरी से मेडिकल छुट्टी का आवेदन देकर स्कूल से नदारत हो गई।

ग्रामीणों ने कहा जब पढ़ा नहीं सकती तो करें बर्खास्त-मेडिकल छुट्टी के खेल के बीच शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए बताया कि उक्त शिक्षिका के द्वारा मेडिकल बोर्ड का किसी तरीके से प्रमाण पत्र नहीं दिया जा रहा है अनियंत्र जगह से फर्जी रूप से बनाए जा रहे हैं डॉक्टर का मेडिकल प्रमाण पत्र प्रस्तुत करती है इधर ग्रामीण साफ तौर पर अधिकारियों से मांग की है कि अगर शिक्षिका उनके बच्चों को पढ़ाने में असमर्थ है तो उन्हें सीधे बर्खास्त करें।

विभाग  छुट्टी नहीं

कर रहा है स्वीकृत

मोहला  विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेंद्र देवांगन ने जानकारी देते हुए बताया कि मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं करने के कारण विभाग कोई छुट्टी स्वीकृत नहीं किया है शिक्षिका स्वयं अनियंत्र जगह से मेडिकल सर्टिफिकेट बनाकर अनफिट और फिर फिट हो जाती है। इस सिलसिला को लेकर जांच की जाएगी।


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