राजनांदगांव

शर्तों के बंधन में महतारी वंदन योजना मातृत्व के साथ अन्याय - कुसुम
04-Feb-2024 4:25 PM
शर्तों के बंधन में महतारी वंदन  योजना  मातृत्व के साथ अन्याय - कुसुम

राशन कार्ड और आधार कार्ड को छोड़ विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता कर रही महिलाओं को परेशान

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 फरवरी।
छग प्रदेश महिला कांग्रेस की सचिव एवं अधिवक्ता कुसुम दुबे ने राज्य की भाजपा सरकार पर महतारी वंदन योजना के नाम से छग की नारियों के साथ छल का आरोप लगाते कहा कि योजना के जारी शर्तों से भाजपा की कथनी और करनी में अंतर फिर प्रमाणित हुआ है।

श्रीमती दुबे ने कहा कि विधानसभा मतदान के पहले महतारी वंदन योजना के नाम पर बड़ी-बड़ी बातें कर राज्य की 58 लाख से अधिक महिलाओं से इस योजना के फार्म भरवाने की दावा करने वाली भाजपा को जनता ने जनादेश दिया, लेकिन भाजपा अपने वादे से मुकर गई है और योजनाओं का लाभ कम से कम महिलाओं को मिले इसका ताना-बाना करते साजिश पूर्ण नियम शर्तों लागू की है। 

भारतीय कानून में विवाह की आयु 18 वर्ष निश्चित है तो 18 से 21 वर्ष की आयु की नवविवाहिताओ को अपात्र करना मातृत्व के प्रथम चरण के साथ घोर अन्याय कारक है। विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता भी महिलाओं को परेशानी देने वाला है, क्योंकि आज भी छग के अधिकांश लोग विवाह प्रमाण पत्र नहीं बनवाते हैं, जब आधार कार्ड और मतदाता सूची में बतौर पति नाम दर्ज हैं तो ऐसी स्थिति में यह अनिवार्यता भी स्वत: समाप्त हो जाना चाहिए। कुल मिलाकर भाजपा सरकार राज्य की कम से कम महिलाओं को इस योजना का लाभ मिले, इसलिए शर्तों के बंधन में महतारी वंदन योजना लागू करने की साजिशपूर्ण नौटंकी कर महतारियों के साथ जरूर अन्याय कर रही है। अत: अव्यवहारिक शर्त हटाकर सभी विवाहित महिलाओं को लाभ देकर सही में महतारियो का वंदन करे भाजपा सरकार ।


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