राजनांदगांव

उपज बेचने का आज आखिरी दिन, 5 हजार किसान नहीं बेच पाए धान
04-Feb-2024 4:21 PM
उपज बेचने का आज आखिरी दिन, 5 हजार किसान नहीं बेच पाए धान

निर्धारित लक्ष्य से 64 लाख क्विंटल की तुलना में 70 लाख की खरीदी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 4 फरवरी।
राज्य सरकार द्वारा निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आज अंतिम दिन होने के कारण सोसायटियों में किसानों की भीड़ नजर आई। हालांकि पूर्व में टोकन हासिल कर चुके किसानों को ही उपज बेचने की अनुमति दी गई। धान खरीदी पंजीयन नहीं कराने वाले ऐसे कई किसानों ने उपज बेचने के लिए जोर लगाया, लेकिन उन्हें इसका फायदा नहीं मिला। इस तरह 5 हजार से ज्यादा किसान अपनी फसल नहीं बेच पाए। इसके बावजूद जिले में 64 लाख क्विंटल धान खरीदी को आसानी से प्रशासन ने पार कर लिया। 

अब तक 70 लाख क्विंटल धान की खरीदी सोसायटियों के जरिये पूर्ण हो चुकी है। आज आखिरी दिन इस आंकड़े में और बढ़ोत्तरी होगी। खरीदी के अंतिम दौर में सोसाइटियों में कर्मचारी काफी व्यस्त रहे। रविवार को सुबह से ही सोसाइटियों में कर्मचारी और किसान उपज बेचने-खरीदने के लिए डटे रहे। एक जानकारी के मुताबिक फसल खरीदी के दौरान सोसाइटियों को सूखे की समस्या से भी जूझना पड़ा है। कई सोसाइटियों में प्रबंधक घाटे की भरपाई को लेकर परेशानी में भी पड़ गए हैं। इस बीच धान का कटोरा माने जाने वाले छत्तीसगढ़ राज्य में स्थानीय किसानों ने भी भरपूर उपज बेची। जिसके चलते धान का कटोरा छलक गया। 

राज्य सरकार ने 31 जनवरी तक फसल खरीदी की मियाद तय की थी, लेकिन विशेष मांग पर 5 दिन का अतिरिक्त समय देते हुए सरकार ने 4 फरवरी तक उपज बेचने का मौका दिया। एक नवंबर 2023 से समर्थन मूल्य में धान खरीदी शुरू की गई थी। राजनांदगांव समेत नवगठित केसीजी और एमएमसी जिले के कुल 2 लाख 41 हजार किसानों ने उपज बेचने के लिए पंजीयन कराया था। राजनांदगांव जिले की सोसायटियों के माध्यम से एक लाख 23 हजार 123 पंजीकृत किसानों से 70 लाख 6 हजार क्विंटल धान खरीदी हो चुकी । इसी तरह केसीजी जिले में 65 हजार 270 किसानों से 38 लाख 60 हजार क्विंटल व एमएमसी जिले के 40 हजार 287 किसानों से 21 लाख 71 हजार 338 क्विंटल धान खरीदी की गई। हालांकि 5 हजार किसान अपनी उपज बेचने से पीछे रह गए। इसके उपरांत भी प्रशासन को निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने में अड़चने नहीं हुई।
 


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