राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 जनवरी। पूज्य सिंधी पंचायत द्वारा शहीद श्री हेमू कालाणी चौक पर एकत्रित होकर शहीद हेमू कालाणी के 81वें बलिदान दिवस पर दीप प्रज्जवलित कर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सिंधी समाज के वरिष्ठ आवतराम तेजवानी, ब्रम्हानंद बजाज, घनश्यामदास गंगवानी ने कहा कि अंग्रेजो ने दिल्ली में भारी तबाही मचाने गोले, बारूद से भरी मालगाड़ी रवाना की, इसकी सूचना मिलते ही वीर हेमू कालाणी ने अपनी हिंद सेना के साथ ट्रेन को लाहौर में रोका। हेमू कालाणी जब मात्र 7 वर्ष के थे, तब वह तिरंगा लेकर अंग्रेजों की बस्ती में अपने दोस्तों के साथ क्रांतिकारी गतिविधियों का नेतृत्व करते थे। 1942 में 19 वर्षीय किशोर क्रांतिकारी ने अंग्रेजो भारत छोड़ो नारे के साथ अपनी टोली के साथ सिंध प्रदेश में तहलका मचा दिया था। 1942 में क्रांतिकारी हौसले से भयभीत अंग्रेजी हुकूमत ने हेमू की उम्र कैद को फांसी की सजा में तब्दील कर दिया। फांसी पर झूलना ही बेहतर समझा और मां की चरण वंदना करते कहा मेरा सपना पूरा हुआ, अब जननी भारत को आजाद होने से कोई नहीं रोक सकता। 21 जनवरी 1943 को हेमू कालाणी को फांसी दे दी गई थी।
इस अवसर पर अर्जुनदास पंजवानी, आवतराम तेजवानी, ब्रह्मानंद बजाज, गुरमुखदास वाधवा, अमर लालवानी, पवन गनसानी, डॉ. करतार सिंह कंजवानी, चंदन रूचंदानी, गोविंद सिंह वाधवानी, मनोहर पंजवानी, विनोद लुल्ला, नंदलाल पंजवानी, नितिन बत्रा, पंकज जेठानी, अशोक तेजवानी, रमेश गिडवानी, दौलत रामचंदानी, प्रकाश वाधवानी, हरीश मोटलानी, अर्जुन गंगवानी, अशोक झमटानी, चंद्रपाल कटियारा, अशोक मोतीरामानी, डॉ. मुरलीधर, ज्ञानचंद लालवानी, मनोहर बजाज, राम मंजर, कौशल शर्मा सहित बड़ी संख्या में समाज की महिलाएं उपस्थित थी। मीडिया प्रभारी अर्जुन गंगवानी ने बताया कि समाज के लोगों ने मोमबत्ती जलाकर वीर शहीद हेमू कलानी को याद किया।


