रायपुर

मंत्रा गोल्ड से करोड़ों का सोना गायब
28-May-2026 7:17 PM
मंत्रा गोल्ड से करोड़ों का सोना गायब

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 28 मई। सराफा कारोबारी ने अपने पुराने कर्मी पर करोड़ों के सोने के गबन का आरोप लगाया है। यह सदर में दूसरा मामला है जब दूकान संचालक ने कर्मी के खिलाफ थाने में शिकायत की है। मंत्रा गोल्ड के संचालक प्रदीप बजाज की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी अरुण यादव के खिलाफ 316-4 का अपराध दर्ज किया है। आरोपी पर करीब 1250 ग्राम सोने के आभूषण और 350 ग्राम शुद्ध सोना गबन करने का आरोप है।

महावीर नगर निवासी प्रदीप बजाज सदर बाजार स्थित नाहटा मार्केट में मंत्रा गोल्ड नाम से सोने के आभूषणों का थोक कारोबार संचालित करते हैं। उनकी संस्था में वर्ष 2019 से अरुण यादव नौकरी कर रहा था। इस बीच उसने भरोसा का फायदा उठाकर गबन किया। 23 अप्रैल को दुकान का स्टॉक मिलान करने पर सोने की मात्रा कम पाया गया। पूछताछ करने पर अरुण यादव ने सोने का माल अपने घर में होना बताया।

प्रदीप ने बताया कि वर्षों से काम करने के कारण उसे अरुण पर भरोसा था, इसलिए उसे तत्काल घर से माल लाने भेजा गया। लेकिन आरोपी वापस दुकान नहीं लौटा। फोन करने पर वह लगातार बहाने बनाता रहा और बाद में मोबाइल बंद कर फरार हो गया। जब उसके घर पहुंचकर जानकारी ली गई तो परिजनों ने भी उसके बारे में कोई जानकारी नहीं  दी।

इसके बाद दुकान के पूरे स्टॉक की दोबारा जांच की गई, जिसमें लगभग 1250 ग्राम सोने के जेवर और 350 ग्राम शुद्ध सोना गायब थे। जांच के दौरान व्यापारियों से संपर्क करने पर पता चला कि अरुण यादव ने व्यापारियों से आभूषणों की रकम अपने पिता राम समुझ यादव और पत्नी निशा यादव के खातों में जमा करवाई थी। आरोपी ने परिवार के साथ मिलकर आपराधिक षड्यंत्र रचते हुए सोने और रकम का गबन किया। मामले में पुलिस ने आरोपी अरुण यादव, उसके पिता राम समुझ यादव और पत्नी निशा यादव के खिलाफ अपराध दर्ज किया है। प्रकरण में  धारा 316(4) के तहत दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है।

ऐसी घटनाएं बढ़ी, तरह-तरह की चर्चा

यहां बता दें कि हाल के दिनों में सराफा बाजार में ऐसी घटनाएं बढ़ी हैं। इसे लेकर तरह तरह की चर्चा है। सदर में यह भी चर्चा है कि चोरी के कई  दिनों बाद एफआईआर क्यों कराई जाती है। जबकि सराफा दुकान में डिस्प्ले शो केस में रखे जेवर स्टॉक की  रोज रात बंद करने के पूर्व मालिक की उपस्थिति में आयटमवार जानकारी ली जाती है । इसके बाद फिर कैसे कर्मचारी दोषी ठहराए जाते हैं। पिछले दिनों सदर के ही मनोहरमल एंड कंपनी के भी संचालक ने अपने कर्मचारी के खिलाफ 2.23 करोड़ के जेवर चोरी का मामला दर्ज कराया था। यह रिपोर्ट घटना के एक माह बाद कराई गई थी। और वह कर्मचारी चोरी  के दिन के बाद 15 दिनों तक दुकान आता रहा है। रिपोर्ट दर्ज कराने के बाद आज पुन: कारोबारी ने पुलिस को सूचना दी कि कर्मचारी के बाद उसकी पत्नी और पिता भी गायब हैं। कारोबारी ने इनकी मिलीभगत की भी आशंका जताई है। फिलहाल कर्मचारी पकड़ से बाहर है।इस रिपोर्ट के लिए एक रिटायर्ड आईजी को हस्तक्षेप करना पड़ा था।   इससे पहले एक अन्य बड़े सराफा कारोबारी ने परिजनों के साथ मिलकर अपने कर्मचारी की बेदम पिटाई की थी। उस पर जेवर चोरी का आरोप लगाया गया था।


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