रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 मई। जेठ के महीने में शुक्रवार सुबह बे मौसम बारिश ने नगर निगम की जल भराव की समस्या के निपटारे की पोल खोल दी है। रायपुर दक्षिण के कुशालपुर और प्रोफ़ेसर कालोनी की सडक़ों पर घुटनों से ऊपर तक पानी भर गया। इससे जाम की स्थिति रही। महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सोमवार को ही जोन कमिश्नरों के साथ मानसून तैयारी बैठक में बड़े नाले नालियों की सफाई करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा था कि जल भराव की स्थिति आने पर ज़ोन कमिश्नर जिम्मेदार होंगे। वहीं डिप्टी सीएम अरूण साव ने भी सभी निकायों को पत्र लिखकर नाला नालियों की सफाई के निर्देश दे चुके हैं। वहीं बारिश बंद होते ही भाटागांव ब्रिज के नीचे भी जाम लगा। इसके चलते मंत्रालय, संचालनालय जाने वाली स्टाफ बसें फंसी रहीं। और करीब डेढ़ घंटे से अधिक की देरी से अधिकारी कर्मचारी दफ्तर पहुंच सके।
चक्रवाती सिस्टम से बदला मौसम
दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण तथा पूर्व-पश्चिम द्रोणिका के प्रभाव से छत्तीसगढ़ का मौसम लगातार बदल रहा है। इस सिस्टम के कारण प्रदेश में नमी बढ़ी हुई है, जिससे कई इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना बनी हुई है।
राजधानी में शुक्रवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहे हैं। सुबह तडक़े शुक्रवार को कई जगहों पर मूसलाधार बारिश हुई। इस तेज वर्ष से जनजीवन अस्तव्यस्त रहा।
इस बीच मौसम विभाग ने शहर में बारिश, गरज-चमक और अंधड़ चलने की चेतावनी जारी की है। रायपुर का अधिकतम तापमान दोपहर 12 सजे तक 23 डिग्री के आसपास रहा।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकतम तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके चलते 17 मई से मध्य छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में हीट वेव की स्थिति बनने के संकेत दिए गए हैं। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।
देर शाम तक अलर्ट पर रहेंगे जिले
राजधानी सहित प्रदेश के महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, कोरबा, जशपुर और सूरजपुर जिलों में देर शाम तक बारिश अंधड़ की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए अगले तीन घंटों का अलर्ट जारी किया है।
मानसून 26 मई को केरल तट पर पहुंचने की संभावना
दक्षिण पश्चिम मानसून 26 मई को केरल तट पर पहुंचने की संभावना बन रही है। निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक पश्चिमी विक्षोभ 60 डिग्री पूर्व और 28 डिग्री उत्तर में स्थित है। एक ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण पूर्वी मध्य प्रदेश और उसके आसपास 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में 16 मई को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है।


