रायपुर

10वीं-12वीं में कौन से हैं टॉप-टेन, और देखें कौन से हैं फिसड्डी जिले...
30-Apr-2026 5:20 PM
10वीं-12वीं में कौन से हैं टॉप-टेन, और देखें कौन से हैं फिसड्डी जिले...

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 30 अप्रैल। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा घोषित वर्ष 2026 के परीक्षा परिणामों ने राज्य की शैक्षणिक तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है, जहां बस्तर संभाग के दूरस्थ जिलों ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए मुख्यधारा के शहरी केंद्रों को पीछे छोड़ दिया है। हाई स्कूल (10वीं) और हायर सेकेंडरी (12वीं) दोनों ही स्तरों पर बीजापुर, नारायणपुर और कांकेर जैसे जिलों का दबदबा रहा है, जबकि रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर जैसे विकसित जिलों का प्रदर्शन तालिका में सबसे निचले पायदान पर सिमट कर रह गया है।

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, हाई स्कूल परीक्षा में बीजापुर 96.06 प्रतिशत के साथ शीर्ष पर है, वहीं हायर सेकेंडरी में कोरिया जिले ने 95.64 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जशपुर और कांकेर ऐसे दो प्रमुख जिले बनकर उभरे हैं जिन्होंने दोनों ही कक्षाओं के परिणामों में अपनी जगह टॉप-4 में सुरक्षित रखी है, जो इन क्षेत्रों में निरंतर बढ़ते शैक्षणिक स्तर और सरकारी प्रयासों की सफलता को दर्शाता है। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जैसे नवगठित जिलों ने भी 10वीं और 12वीं दोनों में टॉप-10 की सूची में जगह बनाकर सभी को चौंका दिया है।

इसके विपरीत, राज्य के औद्योगिक और प्रशासनिक केंद्र माने जाने वाले जिलों के नतीजे चिंताजनक हैं, जहां 10वीं की सूची में रायपुर 27वें और दुर्ग 31वें स्थान पर खिसक गए हैं। जांजगीर-चांपा और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (रू.ष्ट.क्च.) का प्रदर्शन दोनों ही परीक्षाओं में सबसे कमजोर रहा है, जहाँ ये जिले तालिका में 32वें और 33वें स्थान पर सबसे निचले पायदान पर संघर्ष कर रहे हैं। शहरी क्षेत्रों के सरकारी स्कूलों में गिरते प्रदर्शन और ग्रामीण अंचलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने नीति-निर्धारकों के सामने एक नई बहस छेड़ दी है।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा घोषित 2026 के इन परिणामों का विश्लेषण काफी दिलचस्प है। खास तौर पर बस्तर संभाग के जिलों ने जिस तरह से टॉप किया है, वह राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े बदलाव की ओर इशारा कर रहा है।

आपकी मांग के अनुसार, यहां 10वीं और 12वीं दोनों परीक्षाओं में ‘टॉप 10’ और ‘बॉटम 10’ रहने वाले जिलों की तुलना दी गई है-

1. वे जिले जो दोनों में ‘टॉप 10’ में हैं

इन जिलों ने दोनों स्तरों पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है

बीजापुर-(10वीं में पहला, 12वीं में द्वितीय)

कांकेर-(दोनों में तीसरा स्थान)

जशपुर- (दोनों में चौथा स्थान)

कोरिया- (12वीं में पहला स्थान, 10वीं में 5वां स्थान)

बस्तर- (10वीं में 8वां स्थान, 12वीं में 7वां स्थान)

राजनांदगांव- (10वीं में 9वां स्थान, 12वीं में 10वां स्थान)

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी- (10वीं में 10वां स्थान, 12वीं में 8वां स्थान)

2. वे जिले जो दोनों में ‘निम्न 10’ में हैं

इन जिलों का प्रदर्शन दोनों परीक्षाओं में राज्य के औसत से काफी नीचे रहा है-

जांजगीर-चांपा- (दोनों में 32वां स्थान पर)

मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर-(10वीं में 33वां, 12वीं में 33वां)

सक्ती-(10वीं में 28वां, 12वीं में 31वां)

बालोद-(10वीं में 29वां, 12वीं में 30वां)

बिलासपुर-(10वीं में 30वां, 12वीं में 27वां)

दुर्ग- (10वीं में 31वां, 12वीं में 29वां)

रायपुर- (10वीं में 27वां, 12वीं में 15वां - हालांकि 12वीं में यह थोड़ा ऊपर है, लेकिन राजधानी होने के नाते 10वीं का प्रदर्शन (27वां स्थान) बहुत खराब है)

बेमेतरा-(10वीं में 25वां, 12वीं में 20वां स्थान)

खास बात

बस्तर का दबदबा- बीजापुर, नारायणपुर, कांकेर और दंतेवाड़ा जैसे जिले, जिन्हें अक्सर पिछड़ा माना जाता है, वे टॉप-6 में शामिल हैं। यह एक बड़ा उलटफेर है।

शहरी जिलों की नाकामी- रायपुर (27वां), बिलासपुर (30वां) और दुर्ग (31वां) जैसे बड़े शिक्षा केंद्र 10वीं के नतीजों में सबसे निचले पायदान पर हैं। यह इस बात का सबूत है कि सुविधाएँ होने के बावजूद सरकारी स्कूलों के नतीजे यहाँ गिर रहे हैं।


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