रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 30 अप्रैल। निगम आयुक्त विश्वदीप ने स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 की तैयारियों के सम्बन्ध में बैठक ली। उन्होंने सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और स्वच्छता निरीक्षकों सहित सफाई ठेकेदारों को सफाई व्यवस्था सुधारने के सम्बन्ध में सख्त निर्देश दिए। आयुक्त ने निर्देश दिए कि अगले 15 दिन प्रतिदिन सफाई अमला फील्ड पर उतरकर तालाबों, उद्यानों, नालियों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए सफाई करवाए? आयुक्त ने कहा कि कहीं पर भी कूड़े का ढेर नहीं दिखना चाहिए।नालियों की सफाई करवाने के बाद 24 घण्टे के भीतर नाली से बाहर निकाला गया कचरा उठवाना आवश्यक रूप से सभी जोन स्वास्थ्य अधिकारी स्वच्छता निरीक्षकों के साथ मिलकर सुनिश्चित करवाएं, ताकि नाली सफाई के बाद सडक़ पर कचरा पड़ा ना दिखे।
आयुक्त विश्वदीप ने निर्देश दिए कि निदान 1100 एवं अन्य हेल्पलाइन में आने वाली स्वच्छता सम्बंधित सभी जनशिकायतों को सभी गंभीरता के साथ लेवें और त्वरित निदान करवाएं। आयुक्त ने निर्देश दिए कि अगले 15 दिनों में सफाई ठेका कामगारों की एवं सभी नियमित सफाई कामगारों की फील्ड पर शत - प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए. निर्धारित संख्या से कम संख्या में सफाई कामगार ड्यूटी पर मिलने सफाई कार्य में लापरवाही और अनुबंध शर्तों का पालन नहीं किया जाना पाए जाने पर सम्बंधित सफाई ठेकेदार का ठेका तत्काल निरस्त करने और उनका नाम नगर निगम की काली सूची में डालने की कड़ी नियमनुकूल कार्यवाही की जाएगी. वहीं लचर सफाई व्यवस्था मिलने पर सम्बंधित जोन स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक जिम्मेदार रहेंगे और उन पर नियमानुसार कड़ी अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।
अगले 15 दिन तक मुख्यालय और सभी जोनों के स्वास्थ्य विभाग का पूरा स्वच्छता अमला फील्ड में उतरकर राजधानी रायपुर शहर को स्वच्छ बनाये और सतत मॉनिटरिंग करके सफाई करवाए ।
जनगणना, अनुपस्थित 44 निगम कर्मियों को कारण बताओ नोटिस
रायपुर, 30 अप्रैल। निगम के विभिन्न विभागों के 44 कर्मचारी जनगणना प्रशिक्षण एवं ड्यूटी पर अनुपस्थित पाए गए।निगम आयुक्त एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी विश्वदीप ने को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उपायुक्त जनगणना जसदेव सिंह बाबरा ने कहा कि जनगणना कार्य से इंकार करना या इसमें बाधा डालना जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 (1) ( क ) के तहत दण्डनीय अपराध है. साथ ही इन कर्मचारियों के विरुद्ध राज्य सिविल सेवा आचरण नियमों के तहत पृथक से अनुशासनात्मक कार्यवाही भी की जा रही है। छत्तीसगढ़ राज्य में जनगणना 2027 का प्रथम चरण ( मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना) कल 1 मई से प्रारम्भ हो रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी और अनुपस्थित रहने वाले अन्य कार्मिकों पर भी इसी प्रकार की कड़ी कार्यवाही की जाएगी।


