रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 फरवरी। कल रविवार को छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा प्रारंभिक परीक्षा (2025) का आयोजन किया जाएगा। यह परीक्षा प्रदेश के सभी 33 जिलों के केन्द्रों में 2 पाली में आयोजित की जाएगी। पहला प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन का होगा, जो सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित किया जाएगा। दूसरा प्रश्नपत्र एप्टीट्यूड टेस्ट का रहेगा, जो दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
प्रथम पाली में 9.45 और द्वितीय पाली में 2.45 बजे के बाद परीक्षा केन्द्र का प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा।
आयोग ने स्पष्ट किया है कि जारी निर्देशों का उल्लंघन करने पर अभ्यर्थियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से दो घंटे पूर्व पहुंचना अनिवार्य होगा। परीक्षा प्रारंभ होने के 15 मिनट पूर्व परीक्षा केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जाएगा। इसके बाद किसी भी परिस्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की घड़ी (मैकेनिकल/स्मार्ट वॉच) की अनुमति नहीं होगी। अभ्यर्थियों को जूते अथवा मोटे सोल या ऊंची हील वाले फुटवियर पहनने की अनुमति नहीं होगी। वे केवल पतले सोल वाली चप्पलें अथवा स्लीपर पहन सकेंगे।
हल्के रंग के आधी बांह वाले कपड़े पहनकर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश ले सकेंगे। सामान्य जींस पैंट एवं अन्य पैंट पहनने की अनुमति रहेगी। महिला अभ्यर्थी सलवार-कुर्ती तथा चुनरी (दुपट्टा) पहन सकेंगी, लेकिन कुर्ती की बांह छोटी (आधी) होनी चाहिए। साड़ी के साथ पहने जाने वाली ब्लाउज की बांह भी आधी होनी चाहिए।
परीक्षा के दौरान कान में किसी भी प्रकार का आभूषण वर्जित है। विवाहित महिला अभ्यर्थियों को एक नोज पिन तथा एक मंगलसूत्र धारण करने की ही अनुमति होगी।
अनफिट रहकर पीएससी दे रहे सैकड़ों शासकीय कर्मी अधिकारी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 21 फरवरी। इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि क?ई अधिकारी कर्मचारी अनफिट सर्टिफिकेट जमा कर पीएएसी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। ये ऐसे अभ्यर्थी हैं जो वर्तमान में राज्य सरकार के विभागों,निगम मंडलों में सेवारत हैं। इन्हें सीएमएचओ कार्यालय बिना जांच के पहले अनफिट और परीक्षा बाद फिटनेस सर्टिफिकेट आसानी दे देता है। यह महज चंद रूपयों के लेन-देन में हो जाता है।
सरकारी विभागों एवं निगम मंडलों में सेवारत अधिकारी कर्मचारियों को किसी भी अन्य राज्य सेवा भर्ती में शामिल होने हेतु पहले से विभागीय अनुमति लेना अनिवार्य है। इसके लिए अध्ययन अवकाश लेते हैं। वह खत्म होने पर परीक्षा तिथि पास आते ही ये चिकित्सा अधिकारी से फॉर्म 3 मेडिकल अनफिट प्रमाण पत्र लेकर पूरी परीक्षा दे देते हैं। यह शासन के स्टैंडर्ड गाइडलाइन मापदंड की अवमानना के साथ उन हजारों युवाओं के साथ धोखा छल होता है। जो रात दिन पीएससी की तैयारी कर उम्मीद लगाए रहते हैं।
बेरोजगार युवाओं का कहना है कि ड्यूटी करने में सक्षम नहीं होने का फर्जी कारण दर्शाकर सेवारत लोग पीएससी व अन्य भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होते हैं। परीक्षा हो जाने के पश्चात उसी चिकित्सा अधिकारी द्वारा फिटनेस प्रमाण पत्र फार्म 4 बनवा लेते हैं। ऐसे झूठे चिकित्सा अवकाश प्राप्त प्रकरण में शासन द्वारा निर्देश है कि सम्बन्धित जिला चिकित्सालय से चले उपचार की जांच के फिटनेस या अनफिट प्रमाण पत्र जारी करे और गलत पाए जाने पर नियमानुसार करवाही की जानी चाहिए । उन्होंने बताया कि इस तथ्य की पुष्टि सम्बन्धित कर्मचारियों के सर्विस बुक व व्यक्तिगत नस्ती में अवकाश लेखा से की जा सकती है। साथ ही परीक्षा कक्ष हाल की वीडियोग्राफी से व परीक्षा उपरान्त फिटनेस प्रमाणपत्र के रिकॉर्ड से आसानी से भी चिन्हित किया जा सकता हैं। ऐसे
अनुचित लाभ प्राप्त कर सेवा में आए लाभार्थी बेरोजगार युवाओं के हितों के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं ।
पूर्व में हुए ऐसी सभी भर्ती परीक्षा या प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की सेवा में रहते हुए परीक्षा में शामिल होने विभाग से अनुमति ली उसके बाद मेडिकल अवकाश लगाया हो उसके बाद परीक्षा में शामिल हुआ हो और उसके बाद जिनका चयन हुआ हो जांच के दायरे लाना चाहिए। इसका रिकॉर्ड आसानी से मिल सकता है। जांच की जानी चाहिए ताकि शासन के भर्ती प्रकिया में होने वाले खर्च का वहन करने के बाद भी बेरोजगारों को नौकरी नहीं मिल रही है। कारण स्पष्ट है क्योंकि यही अनुचित लाभ लेकर चयनित कर्मचारियों वर्तमान पद से त्याग पत्र दे देते हैं और फिर वह पद अगली भर्ती होने तक रिक्त रह जाता है। सरकारी स्थापना व्यय बेकार चली जाती है युवाओं को धोखा मिलता है।फिर वही प्रक्रिया दोहराई जाती जिसे सारे प्रयास का निरर्थक हो जाता और अन्य अभ्यर्थियों को बेरोजगारी ही झेलनी पड़ती है। हाल ही में यूपीएससी द्वारा निर्णय लिया गया है कि जो पद पर रहते हुए अन्य पद के लिए परीक्षा में शामिल होने हेतु धारित पद की त्याग पत्र देना आवश्यक है।


