रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 फरवरी। सोमवार को शहर में दिन दहाड़े 35 लाख की उठाईगिरी हो गई। एफसीआई के अधिकारी ज्ञान प्रकाश के साथ यह घटना हुई। वह जमीन की रजिस्ट्री कराने कलेक्टोरेट पहुंचे थे और अपनी कार को मल्टीलेवल पार्किंग में खड़ी किए थे। वहीं से कार की डिग्गी में रखा रकम भरा बैग पार कर दिया गया।उनकी रिपोर्ट पर हरकत में आई पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी चोर को गिरफ्तार कर लिया है। उससे रकम भी जब्त कर ली गई है। यह गबन दोस्त ने ही अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर किया था। उसने अत्यधिक कर्ज होने से यह वारदात की।
ज्ञानप्रकाश पांडे निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पिरदा ने थाना सिविल लाईन सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कराई थी।। वह ग्राम पिरदा स्थित भूमि को 36,50,000 रुपये में गंगूराम यादव से क्रय करने का सौदा किया था। टोकन राशि देने वह अपने साथी नितिन सोनी के साथ कार सी जी 17 आर जे 1911 से रजिस्ट्री ऑफिस, कलेक्ट्रेट परिसर रायपुर पहुंचकर मल्टीलेवल पार्किंग महतारी चौक में कार खड़ी किया। पांडे ने कार की चाबी नितिन सोनी को देकर रजिस्ट्री कार्यालय गया। कुछ समय बाद नितिन सोनी ने फोन कर बताया कि कार में रखें सफेद कपड़े के थैले में रखे 36,50,000 रुपए चोरी हो गए हैं। ज्ञान प्रकाश ने आकर कार की जांच की तो रकम गायब थी। पूछताछ पर नितिन सोनी संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। उन्हें संदेह है कि नितिन सोनी ने एक अन्य के साथ मिलकर विश्वासघात करते हुए रकम का गबन किया है। इस रिपोर्ट पर आरोपियों के विरूद्ध धारा 316(2), 3(5) बीएनएस दर्ज कर तलाश शुरू की?
पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशानुसार जांच शुरू की।
इस दौरान प्रार्थी और उसके साथी नितिन सोनी से भी विस्तार से पूछताछ की गई। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज में कार के पास काले रंग की स्कूटी पर सवार एक संदिग्ध व्यक्ति आते-जाते दिखाई दे रहा था। साथ ही प्रकरण में तकनीकी विश्लेषण भी किया गया।
नितिन सोनी से पूछताछ करने पर वह बार-बार अपना बयान बदलता रहा तथा उसके द्वारा बताए अनुसार घटना घटित होना नहीं पाया गया। इस पर पुलिस को नितिन पर गहरा संदेह हुआ और कड़ाई से पूछताछ प्रारंभ की गई। घटनास्थल के रिक्रिएशन ऑफ सीन तथा तकनीकी कडिय़ों में भिन्नता पाए जाने पर नितिन अधिक देर तक अपने झूठ पर कायम नहीं रह सका और अंतत: अपने साथी तनवीर आलम के साथ मिलकर रकम गबन करना स्वीकार किया। इस पर तनवीर आलम को भी गिरफ्तार किया ।
सोनी ने बताया कि ज्ञानप्रकाश पांडे और उसके बीच लंबे समय से मित्रता है। पूर्व में ज्ञानप्रकाश पांडे एवं नितिन दोनों पिरदा स्थित भूमि का कुछ पैसा भूमि स्वामी को देने गए थे। उसी दौरान पांडे ने उसे बताया था कि रजिस्ट्री के समय भूमि स्वामी को शेष रकम देनी है तथा उसे अपने साथ रजिस्ट्री कार्यालय चलने कहा था। नितिन सोनी अत्यधिक कर्ज में डूबा होने के कारण परेशान था। इसी दौरान उसने अपने साथी तनवीर आलम के साथ मिलकर रकम हड़पने की योजना बना ली। इस कार्य के लिए नितिन सोनी ने तनवीर आलम को 02 लाख रूपये देने कहा था।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से गबन की संपूर्ण रकम 36 लाख 50 रूपये जप्त कर कार्यवाही किया गया।


