रायपुर
अब पुलिस तलाश रही
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 फरवरी। एयरपोर्ट और विद्युत कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर दो युवतियों से 3.22 लाख रुपए वसूल लिए गए। पीडि़तों की रिपोर्ट पर पुलिस अब गिरफ्तारी के लिए ठगों की तलाश कर रही है।
मिली जानकारी अनुसार चार साल पहले नुरानी चौक राजातालाब निवासी मोहम्मद मिर्जा बेग की बेटी रौशना परवीन (40) इसकी पहली शिकार हैं। किसी अन्य के जरिए परिचय होने पर सुष्मिता टंडन, शाहिद हुसैन, नितिन जाधव ने रौशना को विद्युत कंपनी में नौकरी लगवाने की बात कही। इसके लिए विद्युत आफिस में परिचय होने और उनसे लेनदेन के लिए 3 लाख रुपए मांगे। रौशना ने यह रकम चार वर्ष पहले 10 जनवरी से 31 जनवरी 22 के बीच बीस दिन में दिए। लेकिन 4 साल बाद भी नौकरी नहीं लगवाने पर वह तीनों ठगों से रकम वापस मांगती रही। जो वे वापस नहीं दे रहे थे। अंतत: रौशना ने कल शाम सिविल लाईन थाने में तीनों के खिलाफ धारा 420,34 के तहत एफआईआर दर्ज कराया।
इसी तरह से विकास नगर गुढिय़ारी निवासी एलिसा दास (20) भी नौकरी के लिए ठगी गई। उसे कुणाल किशोर,विशाल,वीर मेडम नाम के लोगों ने माना एयरपोर्ट में ग्राउंड स्टाफ की नौकरी लगाने का झांसा दिया। एयरपोर्ट आफिस के अफसरों से परिचय होने इसके एवज में उन्हें देने के लिए एलिसा से बीते 28 जनवरी को 22100 रूपए लिए। यह लेन देन तेलीबांधा इलाके के करेंसी टावर में किया था। 8 फरवरी तक नौकरी नहीं लगने पर एलिसा ने पैसे वापस मांगे। नहीं देने पर एलिसा ने कल रात तेलीबांधा थाने में धारा 318-4,3-5 का मामला दर्ज कराई। पुलिस सभी आरोपियों को तलाश रही है।
फ्रेंचाइजी दिलाने के नाम पर 56 लाख की ठगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 फरवरी। गंज क्षेत्र में फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 56 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। मामले में साई नगर गंज निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के मुताबिक घटना 15 जनवरी 2026 की है। 9 बजे से 13 फरवरी 2026 की दोपहर 2 बजे के बीच उसके मोबाइल नंबर पर किसी अज्ञात नंबर से फोन आया था। इस बीच में आरोपी ने मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया और स्वयं को रामेश्वर कैफे का संचालक बताते हुए कंपनी अल्ट्रन वेंट्स प्रा.लि. की फ्रेंचाइजी दिलाने की बात कही। आरोपी ने दावा किया कि उसकी कंपनी के माध्यम से आशीष को कैफे व्यवसाय की अधिकृत फ्रेंचाइजी दिलाई जाएगी, जिससे अच्छा मुनाफा होगा।
आरोपी की बातों में आकर आशीष ने किश्तों में उसके बताए गए बैंक खाते में कुल 56,26,264 रुपये जमा कर दिए। भुगतान के बाद आरोपी लगातार आश्वासन देता रहा, लेकिन न तो कोई वैध दस्तावेज दिए गए और न ही फ्रेंचाइजी। बाद में आरोपी का मोबाइल फोन भी बंद हो गया। इसके बाद आशीष को ठगी का अहसास हुआ।
आशीष ने गंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। पुलिस बैंक खातों की डिटेल, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटा रही है।


