रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नई दिल्ली, 12 फरवरी। भारत की सबसे बड़ी एकीकृत विद्युत कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड 13 से 15 फरवरी तक इंडियन पावर स्टेशन ओ एंड एम कॉन्फ्रेंस (आईपीएस 2026)का आयोजन करने जा रही है। यह तीन दिवसीय सम्मेलन विद्युत क्षेत्र के विशेषज्ञों और पेशेवरों को संवाद, सीखने और सहयोग के लिए एक साझा मंच प्रदान करेगा। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय केंद्रीय विद्युत और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येस्सो नाइक द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर विद्युत मंत्रालय तथा विद्युत क्षेत्र के सार्वजनिक उपक्रमों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
यह वार्षिक सम्मेलन एनटीपीसी की यात्रा का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो वर्ष 1982 में सिंगरौली में इसकी पहली थर्मल इकाई के वाणिज्यिक संचालन की स्मृति को चिह्नित करता है। यह उपलब्धि भारत के विद्युत क्षेत्र में परिचालन उत्कृष्टता की नींव रखने वाला ऐतिहासिक मील का पत्थर थी।
वर्षों के दौरान आईपीएस एक विश्वसनीय मंच के रूप में विकसित हुआ है, जहाँ नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, संयंत्र संचालक, निर्माता, शोधकर्ता और शिक्षाविद एकत्र होकर अनुभव साझा करते हैं, व्यावहारिक जानकारियों का आदान-प्रदान करते हैं और देश में विद्युत उत्पादन की दिशा तय करने के लिए सामूहिक रणनीति बनाते हैं। आईपीएस 2026 का विषय ‘ह्रश्चह्लद्बद्वद्बह्यद्बठ्ठद्द ञ्जद्धद्गह्म्द्वड्डद्य त्रद्गठ्ठद्गह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ 2द्बह्लद्ध क्तह्वड्डद्यद्बह्ल4 & क्रद्गद्यद्बड्डड्ढद्बद्यद्बह्ल4’ है, जो ऊर्जा सुरक्षा और ग्रिड स्थिरता सुनिश्चित करने में तापीय ऊर्जा की निरंतर महत्ता को रेखांकित करता है, विशेष रूप से उस समय जब भारत स्वच्छ और विविधीकृत ऊर्जा मिश्रण की दिशा में आगे बढ़ रहा है। गुणवत्ता और विश्वसनीयता भरोसेमंद बिजली आपूर्ति के मूल स्तंभ हैं, और यह सम्मेलन साझा सीख और व्यवहारिक अनुभवों के माध्यम से इन स्तंभों को और मजबूत करने पर केंद्रित रहेगा। तीन दिवसीय सम्मेलन में तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें क्षेत्र के विशेषज्ञ परिचालन चुनौतियों, बदलती आवश्यकताओं और उभरते अवसरों पर विचार-विमर्श करेंगे। चर्चा के प्रमुख विषयों में लचीला संयंत्र संचालन, सुरक्षा, एसेट प्रबंधन, जल एवं ईंधन प्रबंधन, डिजिटल अनुप्रयोग, दक्षता में सुधार तथा परमाणु ऊर्जा, हाइड्रोजन, नवीकरणीय ऊर्जा और भंडारण समाधान जैसे नए ऊर्जा मार्गों की भूमिका शामिल है।
आईपीएस 2026 को अभूतपूर्व प्रतिक्रिया मिली है। कुल 466 से अधिक लेखकों ने तकनीकी शोध-पत्र प्रस्तुत किए हैं, जिनमें नवीनतम प्रगति, सर्वोत्तम प्रथाएँ और विद्युत उत्पादन के भविष्य को आकार देने वाले नवाचार शामिल हैं। विभिन्न संगठनों, ह्रश्वरूह्य, ढ्ढक्कक्कह्य, सरकारी नियामक एवं वैधानिक निकायों, विश्वविद्यालयों, श्वक्कक्रढ्ढ तथा अन्य प्रतिष्ठित शोध संस्थानों द्वारा चयनित 107 तकनीकी शोध-पत्र सम्मेलन के दौरान प्रस्तुत किए जाएंगे।
आईपीएस 2026 का एक प्रमुख आकर्षण टेक्नो गैलेक्सी प्रदर्शनी होगी, जिसमें अनेक विक्रेताओं और निर्माताओं द्वारा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियाँ, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटलीकरण और रचनात्मक समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे। यह मंच उद्योग हितधारकों को ऐसी नवाचार तकनीकों को समझने और अपनाने का अवसर देगा, जो पावर प्लांट संचालन में दक्षता, सुरक्षा और सततता को बढ़ावा देती हैं। प्रदर्शनी में एनटीपीसी के विभिन्न क्षेत्रीय मुख्यालयों द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए संयंत्रों के मॉडल और उनके प्रदर्शन की झलक भी प्रस्तुत की जाएगी।
एनटीपीसी देश को ऊर्जा प्रदान करते हुए सस्टेनेबिलिटी और नवाचार को अपनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। आईपीएस 2026 का उद्देश्य परिचालन उत्कृष्टता को सुदृढ़ करना, सहयोग को बढ़ावा देना और विश्वसनीय एवं जिम्मेदार विद्युत उत्पादन के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है।
वर्तमान में एनटीपीसी की स्थापित क्षमता 87 गीगावॉट से अधिक है और 32 गीगावॉट क्षमता निर्माणाधीन है। कंपनी ने 2032 तक 149 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसमें 60 गीगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता शामिल है। तापीय, जलविद्युत, सौर और पवन ऊर्जा संयंत्रों के विविध पोर्टफोलियो के साथ एनटीपीसी देश को विश्वसनीय, किफायती और सतत बिजली उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।


