रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 जनवरी। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य से दुव्र्यवहार की घटना की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इस घटना को लेकर सरकार को तत्काल माफी मांगने के लिए कहा है।
डॉ. महंत ने फेसबुक पर लिखा कि मैं स्वयं एक कबीरपंथी हूँ। कबीर साहब ने सिखाया है कि साधु भूखा भाव का, धन का भूखा नाहिं। शंकराचार्य जी केवल अपनी परंपरा और सम्मान की रक्षा कर रहे हैं, लेकिन यह सरकार धन और बल के अहंकार में संतों का सत्कार भूल गई है।
प्रयागराज माघ मेले में पूज्य पाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद जी को स्नान से रोकना और उनके साथ दुव्र्यवहार करना पराकाष्ठा है। यह सरकार केवल उन संतों का सम्मान करती है जो उनके राजनीतिक एजेंडे में हां में हां मिलाते हैं। एक कबीरपंथी होने के नाते, मैं मानता हूँ कि संत का स्थान राजा के सिंहासन से बहुत ऊपर होता है। लेकिन आज की सत्ता खुद को भगवान से भी बड़ा समझने लगी है।
जो संत मोदी सरकार की कमियों पर सवाल उठाता है, उसे कभी सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जाता है तो कभी पुलिस के जरिए प्रताडि़त। हम इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं और मांग करते हैं कि सरकार अविलंब माफी मांगे।


