रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 जनवरी। गुढिय़ारी निवासी एक महिला ने पति पर दहेज प्रताडऩा, शारीरिक-मानसिक उत्पीडऩ और नाबालिग बेटे के अपहरण के प्रयास का आरोप लगाई है। उसने महिला थाना में पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है।
अलका साहू ने बताया कि उसका विवाह वर्ष 2018 में उड़ीसा के बरगढ़ जिले के रतन अग्रवाल से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद ही पति उसे दहेज में एक लाख रुपए , कार की मांग करता था। मांग पूरी न होने पर पति उससे गाली-गलौज, मारपीट और मानसिक प्रताडऩा करता था।
अल्का ने बताया कि पति ने उनके गहनों को फाइनेंस कंपनी में गिरवी रख दिया। सगाई और विवाह के समय दिए गए पैसों को भी कम बताते हुए और पैसों की मांग की गई। पीडि़ता कि मां कैंसर से पीडि़त थीं, इसके बावजूद उनसे भी पैसों की मांग की गई। जिससे मजबूर होकर अल्का के पति को एक लाख रुपए दिए गए। इसके बावजूद भी उनकी डिमांड कम नहीं हुआ। गर्भावस्था के दौरान भी कार की मांग की गई, जिसे पीडि़ता के भाई के नाम से फाइनेंस कराकर दिया गया।
बार-बार प्रताडऩा से तंग आकर वह पति से अलग रहने लगी, लेकिन इसके बाद भी आरोपी का व्यवहार नहीं बदला। वह घर आकर नानी का घर बेचकर पैसे देने का दबाव बनाता रहा। इससे पहले भी महिला थाना में शिकायत की गई थी। जहां काउंसलिंग कराई गई, लेकिन वह असफल रही।
पीडिता ने बताया कि 19 सितंबर 2025 को उनका नाबालिग बेटा स्कूल से निकलते समय उसके पिता जबरन ले गया। खोजबीन करने पर बच्चा आरोपी के पास मिला, जहां उसका मुंह दबाकर रखा गया था। बेटे को वापस मांगने पर आरोपी ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो वह बच्चे को अपने साथ ले जाएगा। शिकायत पर पुलिस ने पति रतन अग्रवाल के खिलाफ दहेज प्रताडऩा सहित अन्य धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले की विवेचना की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


