रायपुर
क्रेटा, ब्रिजा, और किया लिया था
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 20 जनवरी। कार मांगकर वापस नहीं लौटाने और बिना अनुमति तीसरे व्यक्ति को सौंपने के मामले में कार मालिक ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज कराया है। सुंदर नगर, थाना डीडी नगर निवासी संदीप कुमार खरे ने पुलिस को बताया कि वह नेक्सा मारुति सर्विस सेंटर, टाटीबंध में सर्विस एडवाइजर के रूप में कार्यरत हैं। इसी दौरान उनकी पहचान पिछले चार वर्षों से निहाल महरोलिया से हुआ था। जो अपनी कार सर्विस कराने उनके सेंटर में आता-जाता था। जान-पहचान और विश्वास के चलते आरोपी निहाल महरोलिया ने 25 अक्टूबर 2025 को संदीप खरे की होंडई कार सीजी 04 क्यूजे 9871 को दो दिन के लिए निजी काम के लिए मांगा था।
पुरानी पहचान होने के कारण संदीप ने भरोसा कर उसेे अंबेडकर चौक पर अपनी कार सौंप दी। जब दो दिन बाद कार वापस मांगी गई तो निहाल महरोलिया ने बताया कि उसने गाड़ी रोहित सरोज को किराये पर दे दी है। इसके बाद जब रोहित सरोज से संपर्क करने का प्रयास किया तो उसने फोन नंबर ब्लॉक कर दिया और कार वापस नहीं की।
निहाल महरोलिया को फोन कर कार वापस मांगने पर उसका भी मोबाइल बंद आने लगा। तक संदीप ने थाना जाकर निहाल और रोहित सरोज के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 314, 318(3)का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस जांच में पाया गया कि निहाल महरोलिया ने केवल एक नहीं, बल्कि इसी तरह सूर्यकांत टाटमिया की आई-20 स्पोर्ट कार और सूरज कुमार गुप्ता की ब्रेजा कार को भी अपने पास लेकर बिना अनुमति रोहित सरोज को दे दी। जब इन वाहन मालिकों ने अपनी गाडि़य़ां वापस मांगीं, तो रोहित सरोज ने उन्हें लौटाने से इनकार कर दिया।
निहाल महरोलिया और रोहित सरोज ने आपस में मिलीभगत कर वाहनों को छलपूर्वक अपने कब्जे में लिया और अपराधिक षडय़ंत्र करते हुए अमानत में खयानत की। तीनों कारों की कुल कीमत लगभग 28 लाख रुपए बताई जा रही है।
संदीप कुमार खरे की लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और वाहनों की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।


