रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 18 दिसम्बर। एनआईटी रायपुर में 13वें अंतरराष्ट्रीय आईईईई सम्मेलन इंटेलिजेंट सिस्टम्स एंड एम्बेडेड डिज़ाइन (इंटरनेशनल सिंपोजियम ऑन एम्बेडेड डिज़ाइन -आईएसईडी 2025) शुरू हुआ । यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 19 दिसंबर तक चलेगा। आयोजन के समन्वयक डॉ. मनु वर्धन ने सम्मेलन की रूपरेखा प्रस्तुत किया ।
सम्मेलन अध्यक्ष डॉ. प्रदीप सिंह ने सम्मेलन के थीम जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स डिवाइसेज पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तकनीकी नवाचार के साथ नैतिक मूल्यों का संतुलन बनाए रखना समय की आवश्यकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. दिलीप सिंह सिसोदिया ने कहा कि सम्मेलन को बड़ी संख्या में उत्कृष्ट शोध पत्र प्राप्त हुए हैं, जो इसकी अकादमिक गुणवत्ता और अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता को दर्शाता है। उन्होंने इसे शोध, सीखने और सहयोग के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
एनआईटी के निदेशक प्रोफेसर एन. वी. रमना राव ने कहा कि सम्मेलन की थीम स्वायत्त वाहन, एम्बेडेड सिस्टम डिज़ाइन, मशीन लर्निंग, स्वास्थ्य सेवाओं और स्मार्ट सिटी जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यापक उपयोगिता रखती है।
भारतीय वैश्विक परिषद की प्रतिनिधि सुश्री अनुभा गुप्ता ने भारत की तकनीकी प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत अब केवल तकनीक का उपभोक्ता नहीं, बल्कि नवाचार और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में अग्रसर है। यूनिवर्सिटी ऑफ हैदराबाद के प्रोफेसर सिबा के. उद्गाता ने कंप्यूटिंग के क्षेत्र में प्रामाणिक डेटा की उपलब्धता और भारतीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। विशेष अतिथि जेएनयू , नई दिल्ली के प्रोफेसर टी. वी. विजय कुमार ने कहा कि मशीनें मानव का स्थान नहीं ले सकतीं, बल्कि मानव और मशीन परस्पर पूरक हैं और तकनीक का विवेकपूर्ण उपयोग अनिवार्य है।
विशिष्ट अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ ऑकलैंड, न्यूज़ीलैंड के प्रोफेसर पार्थ रोप ने कहा कि डिजिटल माध्यमों ने ज्ञान तक पहुंच आसान बनाई है, लेकिन ध्यान अवधि एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। मुख्य अतिथि एनआईएसटी विश्वविद्यालय, बेरहामपुर (ओडिशा) के कुलपति प्रोफेसर प्रियदर्शन पात्रा ने कहा कि यह सम्मेलन टियर-2 शहरों में अनुसंधान संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है और सॉफ्टवेयर के साथ हार्डवेयर अनुसंधान पर भी समान ध्यान दिया जाना चाहिए।
इसके पश्चात डॉ. जितेंद्र के. राउत ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।


