रायपुर

कटी फसल बेचने हफ्तों का इंतजार, तुहर टोकन ऐप के पेच में फंसे किसान
07-Dec-2025 10:23 PM
कटी फसल बेचने हफ्तों का इंतजार, तुहर टोकन ऐप के पेच में फंसे किसान

-टिकेश कुमार

रायपुर, 7 दिसंबर। प्रदेश धान खरीदी का सिलसिला शुरू हो गया है। इस बीच किसानों को समितियों में धान बेचने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसान टोकन कटवाने ऑनलाइन और ऑफलाइन के पेच में फंस गए है। हफ्तों इंतजार के बाद भी धान के टोकन नहीं मिल पा रहे।

हालाँकि, बीते कुछ दिनों से किसानों को समितियों में धान बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार द्वारा जारी तुहर टोकन सिस्टम ऑनलाइन माध्यम में प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा है, जिसके कारण किसान लगातार सोसायटियों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

सरकार की ओर से धान खरीदी को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान अपनी तैयार फसल को बिक्री के लिए समिति तक पहुँचाने में असमर्थ दिख रहे हैं। इससे किसान लगातार चिंता में हैं कि उनकी मेहनत से उपजी फसल समय पर बिक पाएगी या नहीं।

कई किसानों ने बताया कि टोकन न मिलने, पोर्टल के धीमे चलने और समिति में भीड़ की वजह से वे रोजाना घंटे-घंटे लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं। स्थिति यह है कि किसान अपनी मेहनत की उपज के सही मोल और समय पर विक्रय को लेकर असुरक्षित और परेशान महसूस कर रहे हैं।

‘छत्तीसगढ़’़ ने धमतरी जिले के सहकारी समिति में पूछताछ करने पर कर्मचारियों ने बताया कि टोकन रोजाना सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक ऑनलाइन जारी किए जा रहे हैं। लेकिन जब एक किसान की आईडी से धान का टोकन निकालने का प्रयास किया गया, तो एप में अगले दस दिनों तक खरीदी फुल दिखा रहा था।

किसान ने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से टोकन प्राप्त करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसे टोकन नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से उसकी पूरी फसल खलिहान में पड़ी हुई है।

कई किसानों ने बताया कि ऑनलाइन टोकन के माध्यम से लगातार प्रयास करने के बाद भी कुछ को ही टोकन मिल पा रहे हैं, जबकि कई किसान निराश लौट रहे हैं।

टोकन न मिलने से परेशान किसान ने की आत्महत्या की कोशिश

इसी बीच महासमुंद जिले के ग्राम सेनभाठा निवासी एक किसान ने धान का टोकन न कट पाने और फसल न बिकने से क्षुब्ध होकर आत्महत्या का प्रयास किया। किसान ने तनाव में आकर अपने गले पर ब्लेड चला लिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

परिजनों के अनुसार किसान की बेटी की शादी तय थी, लेकिन धान न बिक पाने और आर्थिक संकट के कारण वह भारी मानसिक दबाव में था।  यह सरकार की टोकन व्यवस्था की विफलता का  परिणाम है।

विभाग के जारी आदेश के अनुसार  समितियों को 70 प्रतिशत टोकन ऑफलाइन और 30 प्रतिशत आनलाइन टोकन काटने के निर्देश दिए थे। इस बीच दोनों ही माध्यम विफल होता दिख रहे है। सरकार ने इसके लिए सहकारी समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिसके तहत किसान अपनी फसल को ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से टोकन लेकर बेच सकते हैं।

देवजी पटेल ने साय बघेल को पत्र लिखा

इस बीच पूर्व मंडी अध्यक्ष पूर्व विधायक देवजी पटेल ने सीएम विष्णु देव साय और खाद्य मंत्री दयालदास बघेल को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने धान खरीदी में हो रही अव्यवस्था की जानकारी दी है। पटेल ने कहा कि किसानों को सोसायटी से ही टोकन देने की व्यवस्था की जाए। साथ ही रोजाना खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाए।


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