रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 दिसंबर। वाल्मीकि नगर, कबीरनगर इलाके में 8 अप्रैल 2024 को लापता हुए 18 वर्षीय युवक शोहेब खान की हत्या के मामले में विशेष न्यायाधीश पंकज कुमार सिंहा (एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम) रायपुर ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने आरोपियों चंद्रशेखर साहू और मुकेश कुमार यादव को हत्या, अपहरण और साक्ष्य नष्ट करने के अपराध में दोषी पाते हुए कठोर कारावास की सज़ा सुनाई है।
अभियोजन का मामला इस प्रकार है कि अप्रैल 2024 की शाम 6.30 बजे शोहेब खान घर से फोन पर बात करते हुए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी गुमशुदगी थाना कबीरनगर में दर्ज कराई।
10 अप्रैल 2024 को कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के गांजर नाला पुल के पास एक अधजला शव मिलने की सूचना ग्रामीणों ने पुलिस को दी। शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों ने अधजले कपड़ों के आधार पर शव की पहचान शोहेब खान के रूप में की।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने शोहेब खान का अपहरण कर उसे टाटा मैजिक वाहन में बैठाकर ले गए थे। जहां उस पर व्हील पाना से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। अपराध को छिपाने के लिए दोनों ने शव पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और कपड़ों व वाहन से खून के निशान भी मिटाने का प्रयास किया।
न्यायाधीश श्री पंकज कुमार सिन्हा ने कहा कि आरोपियों के किए गए, अपराध गंभीर है और मानवता को झकझोर देने वाला है, इसलिए दंड में उदारता की कोई संभावना नहीं है। हालांकि अपराध च्च्रेयरेस्ट ऑफ द रियरज्ज् की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड न देकर आजीवन कारावास से दंडित किया गया है। लापता युवक की हत्या और अधजले शव की रहस्यमय घटना का राज़ खुलने के बाद अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर कठोर सज़ा सुनाई है।


