रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 6 दिसंबर। विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस श्रीमती किरण थवाईत की अदालत ने 10 किलोग्राम गांजा रखने के मामले में आरोपी बंशीराम गोड़ को दोषी करार दिया है। उसे 7 साल के सश्रम कारावास और 50,000 रुपये के अर्थदंड की सज़ा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 3 महीने अतिरिक्त कारावास का प्रावधान रहेगा। जानकारी के मुताबिक 17 मार्च 2022 को थाना गंज पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि स्टेशन चौक स्थित मिलन होटल के सामने एक युवक ट्रॉली बैग में अवैध गांजा रखकर बिक्री करने की फिराक में ग्राहक तलाश रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम मौके पर पहुँची और बताए गए हुलिए और स्थान को चिहांकित कर युवक को पकड़ा।
युवक की पहचान बंशीराम गोड़, निवासी बईसाडीह, जिला नवरंगपुर ओडिशा के रूप में हुई। उसके पास से ट्रॉली बैग से दो पैकेट में 10 किलो गांजा बरामद किया गया।मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर 11 मई 2022 को अभियोग पत्र अदालत में प्रस्तुत किया गया। 17 अक्टूबर 2022 से विचारण शुरू हुआ। गवाहों और जब्ती के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस की तलाशी, जब्ती और नमूना प्रक्रिया कानून के अनुरूप पाई गई तथा साक्ष्यों से साबित होता है कि आरोपी के कब्जे में अवैध मादक पदार्थ था। अत: आरोपी को धारा 20(बी)(2)(क्च) के तहत दोषी पाए जाने पर 7 वर्ष की सज़ा और 50 हजार के आर्थ दंण्ड की सजा सुनाई गई।


