रायपुर
खिलाडिय़ों को बदमाशों की सुरक्षा, दर्शकों को लाठियां
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 दिसंबर। दो दिन पहले हुए वनडे मैच के बाद आयोजकों की अनदेखी और अव्यवस्था को लेकर रोजाना नई खबरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। मैच के लिए रायपुर पहुंचे भारतीय और दक्षिण अफ्रीकी टीम की सुरक्षा में बड़ी सेंध सामने आई है। जेड श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त केएल राहुल,रोहित शर्मा, विराट कोहली ऋ षभ पंत जैसे खिलाडिय़ों की निकटवर्ती सुरक्षा में बाडीगार्ड के रूप में पुराने बदमाश बाउंसर्स को तैनात किया गया था।
पुलिस की नजर में ये बाउंसर, भावना नगर बलवा कांड, अंबेडकर अस्पताल में मीडिया कर्मियों से हाथापाई मामले में महीनों से फरारी काट रहे हैं। पुलिस ने इनका जुलूस भी निकाला था, जो अभी जमानत पर बाहर है। अब ये 1 तारीख से 4 तक पूरे समय खिलाडिय़ों के साथ चिपके रहे। ये लोग (वसीम बाबू) खिलाडिय़ों के साथ सेल्फी रील बनाकर फेसबुक, इंस्टाग्राम में वायरल भी करते रहे। एक वीडियो न्यूज़ चैनल पर भी प्रसारित हो रहा है। इन चार दिनों तक आईजी, डीआईजी एसपी से लेकर सिपाही तक 2 हजार पुलिस कर्मी भी तैनात रहे लेकिन किसी ने भी इन फरार बदमाशों को पकडऩे की जहमत नहीं उठाई। और बदमाश पुलिस को ठेंगा दिखा कर शान से घूमते रहे। जेड श्रेणी के खिलाडिय़ों को सुरक्षा देते रहे। इन बाउंसर्स की तैनाती सीएससीएस के पदाधिकारियों द्वारा बकायदा निजी सुरक्षा एजेंसी से कांट्रेक्ट कर की गई थी। वो तो शुक्र रहा कि कोई हादसा नहीं हुआ अन्यथा गंभीर घटना हो सकती थी। इस खुलासे ने छत्तीसगढ़ में इंटरनेशनल खिलाडिय़ों की सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर गया है। जानकारों का कहना है कि सीएससीएस ने टीम को खतरे में डाला।
बदमाशों को खिलाडिय़ों की सुरक्षा में तैनात किया था। इतने संवेदनशील स्थल पर इनका पहुंचना सवाल खड़े करता है। पुलिस ने कैसे इनकी वहां तैनाती को मंजूरी दी। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि सीएससीएस ने पुलिस, और बीसीसीआई को बाउंसर की सूचना दी या नहीं। उनका कैरेक्टर वेरीफिकेशन कराया था या नहीं जैसे सवाल रोहित, विराट के फैंस पूछ रहे हैं।


